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उचित मूल्यों की दुकानों में भी बिकेंगे एचपीएमसी के उत्पाद, सेब क्लस्टर बनेगा, निदेशक मंडल की बैठक में फैसला
Thu, 26 Aug 2021 10:05 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 26 Aug 2021 10:05 PM IST
सार
बागवानी मंत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम में पूर्व फसल उत्पादन कार्यकलापों पर बल दिया जाएगा। इसके तहत मृदा परीक्षण, पत्ता विश्लेषण, प्लांट हेल्थ क्लीनिक सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। उत्पादन के तौर तरीके जैसे उच्च घनत्व पौध रोपण, एकीकृत रोग कीट प्रबंधन कार्य किए जाएंगे। फसल उत्पादन, पैकिंग हाउस, प्रोसेसिंग इकाईयां स्थापित की जाएंगी।
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बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय कृषि मंत्रालय के आर्थिक सहयोग से जिला किन्नौर को सेब विकास के लिए क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। इस कार्य पर 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। एचपीएमसी को क्लस्टर विकास एजेंसी का कार्य सौंपा गया है। बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई एचपीएमसी निदेशक मंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। बागवानी मंत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम में पूर्व फसल उत्पादन कार्यकलापों पर बल दिया जाएगा। इसके तहत मृदा परीक्षण, पत्ता विश्लेषण, प्लांट हेल्थ क्लीनिक सुविधाएं स्थापित की जाएंगी।
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उत्पादन के तौर तरीके जैसे उच्च घनत्व पौध रोपण, एकीकृत रोग कीट प्रबंधन कार्य किए जाएंगे। फसल उत्पादन, पैकिंग हाउस, प्रोसेसिंग इकाईयां स्थापित की जाएंगी। विपणन के क्षेत्र में कार्य किए जाएंगे। इनमें मार्केट यार्ड, अपग्रेडेशन, विपणन के नए चैनल स्थापित करना और किन्नौर की ब्रांडिग पर विपणन को बढ़ावा देना शामिल है। इन कार्यों के लिए कृषक उत्पादक समूह का गठन भी किया जाएगा। 600 करोड़ की सेब आर्थिकी वाले किन्नौर जिले में 10,400 हेक्टेयर भूमि पर सेब की बागवानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब एचपीएमसी के उत्पाद बिक्री के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य एवं खाद्य आपूर्ति निगम की उचित मूल्यों की दुकानों पर भी उपलब्ध होंगे।
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इसके लिए सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय उच्च मार्गों पर जिला मंडी के जड़ोल व जिला सोलन के जाबली में एचपीएमसी के उत्पादों की बिक्री के लिए विक्रय केंद्र निर्मित किए जा रहे हैं। सरकार की दिल्ली में कुंडली स्थित भूमि एवं कोलकाता में एचपीएमसी की भूमि पर पीपीपी मोड पर विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। जड़ोल टिक्कर जिला शिमला में एचपीएमसी पेट्रोल पंप (किसान सेवा केंद्र) भी स्थापित करेगा। विश्व बैंक से वित्त पोषित बागवानी परियोजना के तहत 266 करोड़ सेे 15 विकास कार्य किए जा रहे हैं।
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शिमला जिले के पराला में निर्माणाधीन फल विधायन संयंत्र में मिनरल वाटर की बॉटलिंग के अतिरिक्त कागज, चिप्स, पशुचारा तैयार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जड़ोल (सुंदरनगर) स्थित फल विधायन संयंत्र में आम, नींबू, टमाटर पर आधारित फल विधायन की गतिविधियों में वृद्धि करने का भी निर्णय लिया गया है। सेब के लिए वर्ष 2021 में मंडी मध्यस्थता योजना के तहत निगम ने 169 में से 160 क्रय केंद्र शुरू कर दिए हैं। इनके माध्यम से अब तक 7787 मीट्रिक टन सेब की खरीद की गई है। बैठक में निगम के उपाध्यक्ष राम सिंह, सचिव बागवानी अमिताभ अवस्थी, विशेष सचिव वित्त राकेश कंवर, प्रबंध निदेशक राजेश्वर गोयल भी उपस्थित रहे।
मोबाइल एप से आएगी पारदर्शिता
महेंद्र सिंह ने कहा कि एचपीएमसी ने मंडी मध्यस्थता योजना को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए एंड्रायड बेस्ड मोबाइल एप्लीकेशन लांच किया है। इसके फलस्वरूप सूचना एकत्रीकरण एवं इस योजना के क्रियान्वयन में और अधिक पारदर्शिता आएगी। कहा कि स्विट्जरलैंड की जीवौदान इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ 112.320 मीट्रिक टन एपल जूस बिक्री के लिए अनुबंध किया गया है। इसके तहत अभी तक कंपनी को 44.280 मीट्रिक टन जूस भेजा जा चुका है।
हरियाणा के निगम और वीटा से भी किया समझौता
एचपीएमसी ने अपने उत्पादों की बिक्री के लिए हरियाणा एग्रो इंडस्ट्री कॉरपोरेशन एवं वीटा के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत हरियाणा एग्रो इंडस्ट्री कॉरपोरेशन एक वर्ष के भीतर हरियाणा में दो हजार खुदरा स्टोर खोलेगा, जिससे एचपीएमसी के उत्पादों की बिक्री में वृद्धि होगी। एचपीएमसी ने 100 प्रतिशत प्राकृतिक एप्पल जूस का एक लीटर टैट्रापैक भी बाजार में उतारा है।