Apple Season Himachal: एचपीएमसी ने शुरू की सेब खरीद, पहली बार बागवानों को 24 घंटे में होगा भुगतान
प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन और प्रसंस्करण निगम लिमिटेड (एचपीएमसी) ने मंगलवार से पराला फल मंडी में सेब की खरीद शुरू कर दी। कोटखाई के कोटी निवासी बागवान अमित चौहान के रेड गोल्डन सेब की 63 पेटियां एचपीएमसी के ऑक्शन यार्ड पर 45 रुपये किलो के रेट पर बिकीं।
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हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन और प्रसंस्करण निगम लिमिटेड (एचपीएमसी) ने मंगलवार से पराला फल मंडी में सेब की खरीद शुरू कर दी। कोटखाई के कोटी निवासी बागवान अमित चौहान के रेड गोल्डन सेब की 63 पेटियां एचपीएमसी के ऑक्शन यार्ड पर 45 रुपये किलो के रेट पर बिकीं। कार्टन के वजन के एवज में 2 किलो की काट भी नहीं हुई। एचपीएमसी ने 24 घंटे के भीतर बागवान को सेब की पेमेंट उसके खाते में भेजने का दावा किया है। सरकारी स्तर पर गेहूं की खरीद की तरह ही एचपीएमसी ने सेब खरीद की भी पेमेंट करेगा। इससे पहले मंडियों में बागवानों को उपज की कीमत 2 से 3 महीने बाद मिलती थी। कई बार सालों तक इंतजार करना पड़ता था।
एचपीएमसी के विपणन सहायक भवानी सिंह ने बताया कि सबसे पहले बागवान के सेब की पेटियों का वजन किया। पेटियां औसतन 22 से 24 किलो की निकलीं। इसके बाद एचपीएमसी अधिकारी ने बोलियां लगाईं। 40 से शुरू होकर बोली अधिकतम 45 रुपये पर रुकी। इस रेट पर बागवान की सहमति से सेब बेचा गया। भवानी सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में अगर स्पर और गाला किस्मों का सेब उनके पास आता है तो बागवानों को ऊंची कीमतें देने का प्रयास किया जाएगा। बागवान अमित चौहान ने बताया कि उनके सेब का साइज छोटा था फिर भी 45 रुपये किलो रेट मिला है। उधर, सोलन और परवाणू मंडी में भी मंगलवार को ऑक्शन यार्ड पर एचपीएमसी के काउंटर खुल गए, लेकिन पहले दिन सेब खरीद नहीं हुई।
आने वाले दिनों में और सुविधाएं देंगे
सरकार के आदेशों पर मंगलवार से सेब खरीद शुरू कर दी है। 24 घंटे के भीतर बागवान के बैंक खाते में उपज का पैसा ट्रांसफर हो जाएगा। यह अभी शुरुआत है। आने वाले दिनों में बागवानों के लिए कई अन्य सुविधाएं भी शुरू होंगी। - सुदेश कुमार मोख्टा, प्रबंध निदेशक, एचपीएमसी
जिस दिन सेब बिके, उसी दिन पेमेंट हो : मंच
संयुक्त किसान मंच ने जिस दिन माल बिके, उसी दिन पेमेंट करवाने की मांग की है। हरीश चौहान और संजय चौहान ने कहा है कि एचपीएमसी द्वारा सेब खरीद पर 24 घंटे के भीतर पेमेंट और 2 किलो की काट न करने का मंच ने स्वागत किया है।
आजादपुर फल मंडी दिल्ली में भी वजन से बिक रहा सेब, उसी दिन भुगतान
सरकार के आदेशों पर मंडियों में वजन के हिसाब से सेब बिक्री और यूनिवर्सल ग्रेडिंग के तहत पेटी में अधिकतम 24 किलो की व्यवस्था के बाद दिल्ली की आजादपुर मंडी में भी इसी तर्ज पर सेब खरीद शुरू हो गई है। आजादपुर मंडी की शिव भोला एंड कंपनी ने वजन के हिसाब से सेब बिक्री के लिए वेट बिफोर सेल की व्यवस्था लागू की है। पेटी का वजन करने के बाद किलो के हिसाब से बोली लगाई जा रही है। जिस दिन सेब बिक रहा है, उसी दिन पेमेंट की जा रही है। कंपनी के संचालक हिमाचल की सबसे बड़ी सेब बागवानों की संस्था प्रोग्रेसिव ग्रोवर्स एसोसिएशन के सदस्य हैं।
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आशुतोष चौहान ने बताया कि कंपनी बागवानों से 24 किलो की पैकिंग में सेब लाने का आग्रह कर रही है। कंपनी के प्रबंध निदेशक प्रशांत बतरा ने बताया कि बागवानों को उपज के सही दाम मिलें और ग्राहकों को बढ़िया गुणवत्ता का सेब मिले, इसके लिए वजन के हिसाब से सेब खरीदा जा रहा है। जिस दिन सेब बिकता है, उसी शाम 4 बजे तक पेमेंट हो जाती है। 24 किलो की पैकिंग में सेब भरने के सरकार के निर्देश स्वागत योग्य है। इससे ट्रांसपोर्टेशन में सेब खराब नहीं होता।