{"_id":"662f8d37637d51a4ed0e4d4f","slug":"hpbose-result-2024-arts-topper-arshita-wants-to-become-an-ias-officer-this-is-how-she-achieved-the-position-2024-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"HP Board Result: आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं कला संकाय टॉपर अर्शिता, ऐसे हासिल किया मुकाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
HP Board Result: आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं कला संकाय टॉपर अर्शिता, ऐसे हासिल किया मुकाम
Mon, 29 Apr 2024 05:38 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 29 Apr 2024 05:38 PM IST
सार
स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में एक बार फिर ऊना जिला का सिक्का चमका है।
विज्ञापन
कला संकाय टॉपर अर्शिता
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में एक बार फिर ऊना जिला का सिक्का चमका है। क्षेत्र के नंगड़ां गांव के वार्ड-7 की रहने वाली अर्शिता पुत्री नरेंद्र कुमार से कला संकाय की मेरिट सूची में पहला स्थान अर्जित किया है। अर्शिता ने 500 में से 490 (98 प्रतिशत) अंक हासिल कर प्रदेशभर की मेरिट में चौथे स्थान पर हैं। अर्शिता डीएवी वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ऊना की छात्रा हैं। उसका सपना प्रशासनिक सेवाओं में जाने का है। इसके लिए वह तैयार में जुटी हैं।
विज्ञापन
अर्शिता ने बताया कि वह प्रतिदिन 12 से 13 घंटे बढ़ाई करती हैं। अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व स्कूल के अध्यापकों को दिया है। अर्शिता ने कहा कि भविष्य में वह आईएएस अधिकारी बनकर प्रशासनिक सेवाओं में अपना योगदान देना चाहती हैं। अर्शिता के पिता नरेंद्र कुमार विदेश में नौकरी करते हैं। जबकि माता किरण बाला दुकान चलाती हैं। अर्शिता ने कहा कि दिल लगाकर मेहनत करनी चाहिए। इधर-उधर की बातों पर ध्यान न देकर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। सफलता कड़ी मेहनत से ही मिलती है।
विज्ञापन
शॉपिंग करते समय आया अध्यापकों का फोन
अर्शिता ने कहा कि वह चंडीगढ़ में कोचिंग लेने की तैयारी में है। इसके लिए सोमवार को वह शॉपिंग कर रही थीं। इसी दौरान उसे अध्यापकों का फोन आया कि उसका मेरिट में पहला स्थान आया है। अर्शिता ने कहा कि अध्यापकों और माता-पिता के दिए अच्छे संस्कार और साथ से ही यह लक्ष्य हासिल कर पाई हूं। अब अपने लक्ष्य में ध्यान केंद्रित कर आगे की पढ़ाई करूंगी।
विज्ञापन