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बोर्ड के चेयरमैन बोले- वीडियो से संस्कृत सीखेंगे अब स्कूलों में विद्यार्थी
Sun, 01 Dec 2019 07:31 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 01 Dec 2019 07:31 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के स्कूलों में दूसरी कक्षा से शुरू होने वाले संस्कृत विषय को हाईटेक तरीके और खेल-खेल में बच्चों को सिखाया जाएगा। शिक्षा बोर्ड ने इस विषय के संबंध में सिलेबस को तैयार करने के लिए कवायद शुरू कर दी है। शिक्षा बोर्ड इसके लिए मॉड्यूल और चैप्टर तैयार कर रहा है। यह चैप्टर इलेक्ट्रॉनिक तौर पर तैयार किए जा रहे हैं। वीडियो फॉर्मेट में इन चैप्टर को बच्चों को कक्षाओं में दिखाया जाएगा। बाकायदा बोर्ड की तरफ से यह मॉडल और इलेक्ट्रॉनिक मोड में शूट किए गए चैप्टर सभी स्कूलों को दिए जाएंगे।
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हमीरपुर में एक निजी स्कूल के वार्षिक समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे प्रदेश शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सुरेश सोनी ने कहा कि बच्चों को स्क्रीन पर संस्कृत के तैयार किये गए पाठ्यक्रम को सिखाया जाएगा। इससे बच्चों की संस्कृत को सीखने में रुचि बढ़ेगी। डॉ. सोनी ने कहा कि बच्चों को कम्यूनिकेटिव संस्कृत सिखाई जाएगी और यह कोई मुश्किल कार्य नहीं होगा। इस विषय को रोचक बनाया जाएगा।
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बच्चे खेल-खेल में संस्कृत सीखेंगे और आगे आने वाले 3 साल में इसके परिणाम हमारे सामने होंगे। इसके लिए लेक्चर मॉड्यूल और चैप्टर तैयार किए जा रहे हैं। दूसरी तीसरी और चौथी कक्षा के बच्चों को वीडियो के माध्यम से ही संस्कृत पढ़ाई जाएगी। शिक्षा बोर्ड का प्रयास है कि इलेक्ट्रॉनिक मोड में जिस तरह से
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बच्चे कार्टून को टीवी पर देखना पसंद करते हैं उसी तरह से वीडियो तैयार किए जाएं और उन्हें बच्चों को दिखाकर उसी तरह की एक्टिविटी करवाई जाए। डॉ. सोनी ने कहा कि पांचवीं और आठवीं कक्षा के बच्चों को अब फेल होने पर एक मौके के बाद फेल ही किया जाएगा। जबकि पूर्व में इन बच्चों के हो रहे एसए-1, एसए-2 और एफए-1 और एफए-2 की परीक्षाओं को जारी ही रखा जाएगा।