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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   hp vidhan sabha winter session in Tapovan Dharamshala and MSME bill for investors

निवेशकों को बड़ी राहत देने के लिए याद रहेगा शीत सत्र

Mon, 16 Dec 2019 12:31 PM IST
अरविन्द ठाकुर सुरेश शांडिल्य, अमर उजाला, तपोवन (धर्मशाला)
सुरेश शांडिल्य, अमर उजाला, तपोवन (धर्मशाला) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 16 Dec 2019 12:31 PM IST
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hp vidhan sabha winter session in Tapovan Dharamshala and MSME bill for investors
- फोटो : अमर उजाला

हिमाचल की तेरहवीं विधानसभा का तपोवन में संपन्न हुआ शीत सत्र राज्य में निवेश का रास्ता आसान बनाने के ऐतिहासिक फैसले के लिए याद रहेगा। इस सत्र ने जयराम सरकार के करीब 97 हजार करोड़ रुपये के निवेश के एमओयू को धरातल पर उतारने का मार्ग खोल दिया है। जयराम सरकार ने दशकों से इसके लिए अड़चन बने आठ कानूनों को लचीला बनाने की हिम्मत दिखाई।

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बिखरे और संख्या बल में आधे से कम विपक्ष को मुंहतोड़ जवाब देकर बहुप्रतीक्षित हिमाचल प्रदेश सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की स्थापना और प्रचालन की सरलीकरण विधेयक 2019 को पारित किया। प्रतिपक्ष को यह आईना भी दिखाया कि वह हिमाचल के विकास का रास्ता न रोके, अपनी सत्ता के अतीत को भी झांके, जिसमें ऐसे कोई प्रयास नहीं हुए। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में विपक्ष का रुख भी आक्रामक रहा। 
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हिमाचल पर वर्तमान में 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है। साल दर साल बढ़ते इस कर्ज को खत्म करने के पूर्व की तमाम सरकारों-मुख्यमंत्रियों के प्रयास असफल रहे। महज दो साल पहले हिमाचल के विकास की कमान संभालने के बाद जयराम ठाकुर की पहली चिंता हिमाचल का यह कर्ज उतारना और किसी तरह आमदनी बढ़ाने की थी। इस बारे में कई बैठकों-मंत्रणाओं के बाद तय हुआ कि हिमाचल को पटरी पर लाने को रणनीति बनानी होगी।

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देश-दुनिया के निवेशकों से यहां की संभावनाओं पर अधिकतम निवेश करवाना होगा। कई जटिल और अनावश्यक कानून बदलने होंगे। जयराम सरकार ने इन कायदे-कानूनों को लचीला बनाने को राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत दिखाई। महीने भर पहले ही इसके लिए दो बड़े काम किए। पहले सात और आठ नवंबर को ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट की। इसमें मोदी-शाह को बुलाया। देश-विदेश के निवेशक बुलाए। इस मीट में 97 हजार करोड़ रुपये के निवेश के एमओयू साइन करवाए। फिर शीत सत्र में सरकार ने अध्यादेश लाकर नया कानून लागू किया।

इसमें आठ तरह के पुराने कानूनों में निवेशकों के लिए तीन साल तक एनओसी लेने की अनिवार्यता समाप्त कर दी।  इस अध्यादेश को 13 दिसंबर को पारित कर ऐतिहासिक काम किया। कांग्रेस विधायक दल सत्तापक्ष को इस आरोप की सफाई नहीं दे सका कि उनकी पिछली सरकार ने भी जो मुंबई, हैदराबाद में रोड शो कर पिकनिक मनाई, उसका परिणाम क्या रहा।

सदन के भीतर ही नहीं, बाहर भी जनता की समस्याएं सुनते रहे जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के छह दिनों में सदन के भीतर और बाहर दोनों जगहों पर ’पब्लिक कनेक्ट’ रखा। वह देर रात तक धर्मशाला बस स्टैंड या अन्य जगहों में टहलकर जनता की समस्याओं की टोह लेते रहे।

अगले सत्र की सिटिंग बढ़ाने की भी बात
सीएम जयराम ने विधानसभा की सीमित बैठकें होने पर अगले साल से इनकी संख्या बढ़ाने की भी संभावना जताई। सीएम के इस प्रस्तावों पर स्पीकर डा. राजीव बिंदल भी सहमत नजर आए। इस बार लोकसभा चुनाव आचार संहिता के कारण 31 बैठकें ही हो पाईं। अगले साल से निर्धारित 35 के बजाय उड़ीसा-असम की तर्ज पर इन्हें और बढ़ाने की बात की।

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