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HP Shiva Project: शिवालिक की पहाड़ियों की बंजर भूमि पर आएगी बागवानी की बहार
Sun, 18 Sep 2022 07:59 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 18 Sep 2022 07:59 PM IST
सार
एचपी शिवा परियोजना के तहत क्षेत्र की 17 पंचायतों की 233 हेक्टेयर भूमि को लगभग 500 करोड़ खर्च कर उपजाऊ भूमि के रूप में परिवर्तित किया जाएगा। पहले चरण में नौ हेक्टेयर भूमि पर फ्रंट लाइन प्रायोगिक तौर पर अमरूद, अनार, माल्टा आदि प्रजातियों के 11,913 पौधे 81 किसानों की भूमि में रोपे किए हैं।
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ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले की शिवालिक पहाड़ियों की बंजर भूमि को बगीचों से हरा-भरा बनाने के लिए शुरू की गई एचपी शिवा परियोजना से क्षेत्र को फ्रूट हब के रूप में विकसित करने के साथ पर्यावरण और हवा की गुणवत्ता को भी सुधारने में मदद मिलेगी। यह बात ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कही। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत क्षेत्र की 17 पंचायतों की 233 हेक्टेयर भूमि को लगभग 500 करोड़ खर्च कर उपजाऊ भूमि के रूप में परिवर्तित किया जाएगा। पहले चरण में नौ हेक्टेयर भूमि पर फ्रंट लाइन प्रायोगिक तौर पर अमरूद, अनार, माल्टा आदि प्रजातियों के 11,913 पौधे 81 किसानों की भूमि में रोपे किए हैं।
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परियोजना के अंतर्गत किसानों को फल-पौधों को वैज्ञानिक आधार पर विकसित करने से व्यापारिक आधार पर चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कंवर ने कहा कि परियोजना के तहत क्षेत्र में ड्रिप सिंचाई, सोलर वाटर पंप एस्काडा एवं इंस्ट्रृमेंटल क्लस्टर टैंक आदि ढांचागत सुविधाओं के निर्माण पर लगभग 77.75 करोड़ खर्च किए जाएंगे। शिवालिक पहाड़ियों में 1,200 किसान बागबानी गतिविधियों से आजीविका कमाते हैं। वार्षिक लगभग एक करोड़ की आय अर्जित करते हैं। फलों की व्यावसायिक स्तर पर खेती के लिए 17 क्लस्टर बनाए गए हैं। क्षेत्र की 1,074 हेक्टेयर भूमि को बागवानी फसलों के तहत लाया है। 2686 मीट्रिक टन आम और 1,126 मीट्रिक टन नींबू प्रजाति फलों की पैदावार रिकॉर्ड की जाती है। क्षेत्र के 90 गांवों के लगभग 490 परिवारों को उच्च पैदावार के पौधों की देशी किस्म की पौध दी जाएगी।
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