HP Politics: जयराम ठाकुर बोले- रोज बैठकें बुला रहे सीएम, उन्हें खुद नहीं पता करना क्या है
प्रदेश सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में केंद्र सरकार के ऊपर लगाए जा रहे आरोपों और सुक्खू सरकार के रवैये के चलते भाजपा ने बैठक का बहिष्कार किया और बीच बैठक से बाहर चले आए।
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नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में केंद्र सरकार के ऊपर लगाए जा रहे आरोपों और सुक्खू सरकार के रवैये के चलते भाजपा ने बैठक का बहिष्कार किया और बीच बैठक से बाहर चले आए। कहा कि यह सरकार सिर्फ ओछी राजनीति कर रही है। सर्वदलीय बैठक में प्रेजेंटेशन के दौरान गुमराह करने वाले झूठे आंकड़े दिए जा रहे हैं, जो सिर्फ राजनीति से प्रेरित हैं। मुख्यमंत्री आए दिन बैठक पर बैठक बुला रहे हैं, लेकिन वह खुद कंफ्यूज हैं कि उन्हें करना क्या है। 12वें वित्त आयोग के समय से ही राजस्व घाटा अनुदान बंद करने की पैरवी आयोग द्वारा की जाती रही है। 13वें वित्त आयोग के समय हिमाचल को मात्र 7800 करोड़ रुपए का राजस्व घाटा अनुदान दिया गया। 14 वें वित्त आयोग में हिमाचल प्रदेश को 40,000 करोड़ से ज्यादा का राजस्व घाटा अनुदान मिला जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में दिया गया, तब हिमाचल में कांग्रेस की सरकार थी। 15वें वित्त आयोग ने भी राजस्व घाटा अनुदान खत्म करने की वकालत की। कोविड जैसी महामारी के बीच राजस्व घाटा अनुदान मिला लेकिन उसे टेंपर्ड डाउन किया गया।
जयराम ने कहा कि हमने वित्त आयोग के समक्ष अपना पक्ष मजबूती के साथ तर्कपूर्ण ढंग से रखा। 16वें वित्त आयोग के समक्ष प्रदेश सरकार ने अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने की बजाय केंद्र सरकार को कोसने का ही काम किया। मुख्यमंत्री राजनीति से कभी बाहर ही नहीं आना चाहते। बैठक बुलाकर भी सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। एक तरफ उनके अधिकारी कहते हैं कि प्रदेश की स्थिति ऐसी है तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री कहते हैं कि कोई समस्या नहीं है। आखिर इतनी असमंजस की स्थिति क्यों है? सुक्खू सरकार दिशाहीन हो गई है और दूरदर्शिता से कोसों दूर है। यह सरकार सिर्फ अपनी नाकामी का ठीकरा केंद्र सरकार और पूर्व की सरकारों पर फोड़ना चाहती है। पंचायत चुनाव पर उन्होंने बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश का वह स्वागत करते हैं।
प्रदेश की नहीं, भाजपा का अपनी राजनीति की फिक्र : विनय
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने भाजपा नेताओं के बैठक छोड़कर बाहर चले जाने की आलोचना करते हुए कहा है कि ऐसा लगता है कि उन्हें प्रदेश की कोई चिंता नहीं है। उन्हें केवल अपनी राजनीति की फिक्र है। विनय ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर भाजपा को प्रदेश के भविष्य और उसके अधिकारों की तनिक भी चिंता होती तो बैठक में वह अपने झाव देते। उन्होंने कहा कि भाजपा का नकारात्मक रवैया बहुत चिंताजनक व निंदनीय है। भाजपा का हमेशा ही दोहरा चरित्र रहा है। घड़ियाली आंसू बहाना इनकी आदत है। ऐसा लगता है कि भाजपा प्रदेश के लोगों से उन्हें सत्ता से बाहर करने का प्रतिशोध ले रही है, जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।