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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   HP Panchayat Election: Mandatory Time Limit for ZP BDC Chairperson Elections Removed; Govt Amends Rules

HP Panchayat Election: जिला परिषद और बीडीसी अध्यक्ष चुनाव के लिए समय सीमा की अनिवार्यता खत्म, नियम बदले

Sat, 09 May 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 09 May 2026 05:00 AM IST
सार

पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव के बीच राज्य सरकार ने अध्यादेश लाकर पंचायती राज एक्ट में बड़ा संशोधन किया है। 

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HP Panchayat Election: Mandatory Time Limit for ZP BDC Chairperson Elections Removed; Govt Amends Rules
हिमाचल पंचायत चुनाव 2026। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव के बीच राज्य सरकार ने अध्यादेश लाकर पंचायती राज एक्ट में बड़ा संशोधन किया है। संशोधन के तहत जिला परिषद और पंचायत समिति के चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन के चुनाव के लिए तय समय सीमा की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। अब संबंधित उपायुक्त एवं एसडीएम सुविधा और परिस्थितियों के अनुसार कभी भी जिप और बीडीसी के नवनिर्वाचित सदस्यों की बैठक बुलाकर अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चुनाव करवा सकेंगे। मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लेने के बाद अध्यादेश के माध्यम से एक्ट में संशोधन किया गया है।

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छह माह के भीतर विधानसभा से पारित करवाया जाएगा
संशोधन अधिनियम को छह माह के भीतर विधानसभा से पारित करवाया जाएगा। अब तक नियम यह था कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव परिणाम घोषित होने के सात दिन के भीतर जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों की बैठक बुलाना जरूरी होता था। बैठक में सदस्यों को शपथ दिलाने के बाद दो तिहाई कोरम पूरा होने पर चेयरमैन और वाइस चेयरमैन का चुनाव कराया जाता था। यदि पहली बैठक में कोरम पूरा न हो तो तीन दिन के भीतर दूसरी बैठक बुलाकर बहुमत से अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पर फैसला लिया जाता था। संशोधित प्रावधान में सात दिन के भीतर बैठक बुलाने की बाध्यता हटा दी है। 

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अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव में हो सकती है देरी
समय सीमा समाप्त होने से चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनाव में लंबी देरी हो सकती है। यदि किसी जिले या पंचायत समिति में राजनीतिक समीकरण स्पष्ट नहीं हुए तो अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव टल सकता है। ऐसी स्थिति में जिला परिषद और पंचायत समितियों की नियमित बैठकें नहीं हो पाएंगी। हालांकि ये चुनाव पार्टी चुनाव चिह्न पर नहीं होते, लेकिन भाजपा और कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दल अपने समर्थित उम्मीदवारों के जरिए जिला परिषद एवं पंचायत समिति वर्चस्व स्थापित करने की रणनीति में जुट गए हैं।

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251 जिला परिषद और 1769 बीडीसी सदस्य चुने जाएंगे
हिमाचल के सभी 12 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राज्य में कुल 251 जिला परिषद और 1,769 बीडीसी सदस्यों का चुनाव होना है। मतदान 26, 28 और 30 मई को कराया जाएगा, जबकि 31 मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे।

पंचायती राज अधिनियम में संशोधन प्रशासनिक परिस्थितियों और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक और सुचारु बनाना है, ताकि किसी तकनीकी बाधा के कारण चुनाव प्रभावित न हों। - अनिरुद्ध सिंह, पंचायतीराज मंत्री

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