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नशे से पीड़ित बच्चों की पहचान कर काउंसलिंग करे सरकारः हाईकोर्ट

Fri, 03 Aug 2018 10:28 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 03 Aug 2018 10:28 AM IST
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hp high court order regarding Identification of drug victims children

हिमाचल हाईकोर्ट ने मादक पदार्थों के व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार को सुझाव दिए हैं कि स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए मादक पदार्थों से होने वाले दुष्परिणामों से संबंधित पाठ्यक्रम में लेक्चर रखा जाए।

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स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों में जाने वाले नशे से पीड़ित बच्चों की पहचान की जाए और उन्हें होने वाले दुष्परिणामों के बारे में काउंसलिंग दी जाए। इससे वे ऐसी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे।
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हाईकोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव को दो सप्ताह के भीतर अनुपालना शपथ पत्र न्यायालय के समक्ष दाखिल करने के आदेश जारी किए हैं।प्रदेश उच्च न्यायालय ने कहा कि पंचायत का कोई भी पदाधिकारी इस धंधे में शामिल हो, तो उसे अयोग्य घोषित किया जाए।
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इसके लिए अधिनियम में भी बदलाव किया जाए। उन पंचायतों को इनाम दें जो मादक पदार्थों से पूरी तरह से मुक्त हों। सूचना देने वाले को इनाम दिया जाए और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी तय करें।

कानों, कैंटीनों, ढाबों और रेस्टोरेंट की जांच करने के आदेश

hp high court order regarding Identification of drug victims children

स्कूल-कॉलेजों के नजदीक दुकानों, कैंटीनों, ढाबों और रेस्टोरेंट की समय-समय पर जांच करने के आदेश जारी किए हैं। ऐसे  पदार्थों को केमिस्ट और मेडिकल प्रैक्टिशनर कोे बेचे जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी बात की।

उच्च न्यायालय ने यह भी सुझाव दिया है कि विशेष जांच दल को गठित करें। अभियोजन विभाग को यह यह निर्देश देने का को कहा कि उनकी ओर से न्यायालय में पेश होने वाले अधिकारी ऐसे मामलों में जमानत याचिका का विरोध करें।

चाहे पकड़ा गया मादक पदार्थ थोड़ी मात्रा में ही क्यों न हो। न्यायालय ने कहा कि यह समस्या बड़ी जटिल है मगर इसकी रोकथाम असंभव नहीं, अगर इस पर रोकथाम लगाने के लिए प्रयास किए जाएं।

न्यायालय ने इन आदेशों की बाबत प्रदेश के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को जानकारी देने को कहा है, जिससे इस संबंध में जल्दी से जल्दी कदम उठाए जा सके।

भांग केे पौधों को औषधियों में इस्तेमाल करने के उपाय ढूूंढें 

hp high court order regarding Identification of drug victims children

उच्च न्यायालय ने मादक पदार्थों को औषधियों के लिए उपयोग में लाने के लिए रिसर्च एजेंसी की सेवाएं लेने का सुझाव दिया है, स्थानीय निवासी जो अवैध तरीके से मादक पदार्थों के व्यवसाय से जुड़े हैं वे अपने मादक पदार्थों जैसे भांग आदि के पौधों को औषधियां बनाने जैसे व्यवसाय के लिए देने के लिए प्राथमिकता देंगे। 

 उच्च न्यायालय ने चिंता जताई कि राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी का धंधा जोरों पर है। नए-नए पदार्थ मार्केट में आ रहे हैं। पुलिस के शपथपत्र का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने पाया कि अप्रैल, मई और जून 2018 में भारी मात्रा में मादक पदार्थों को प्रदेश की पुलिस की ओर से पकड़ा गया है।

उच्च न्यायालय ने यह कहा कि इन पदार्थों की तस्करी के लिए गरीब बच्चों को मैसेंजर के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। न्यायालय ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से इस बात का लाभ नहीं लिया जा सकता कि तस्करों को पकड़ने के लिए उनके पास साधनों की कमी है। 

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