{"_id":"5907524e4f1c1bcc3a44245d","slug":"hp-high-court-judges-also-removes-red-beacon-from-vehicles","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेताओं और अफसरों के बाद अब जजों ने भी उतार दी लाल बत्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नेताओं और अफसरों के बाद अब जजों ने भी उतार दी लाल बत्ती
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 02 May 2017 12:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र सरकार का लाल और नीली बत्ती हटाने का फैसला लागू होते ही सोमवार को हिमाचल हाईकोर्ट के न्यायाधीशों ने भी अपने वाहनों से बत्ती हटा दी है। प्रदेश सरकार ने 21 अप्रैल को अधिसूचना जारी कर मुख्यमंत्री से लेकर सभी अधिकारियों और नेताओं को लाल, नीली, संतरी बत्ती लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
विज्ञापन
हालांकि, इस दौरान हाईकोर्ट के जजों को लाल बत्ती लगाने की अधिसूचना को प्रदेश सरकार ने वापस नहीं लिया था। लेकिन सोमवार को केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन कर लाल, नीली या किसी तरह की बत्ती लगाने के लिए केंद्र या प्रदेश सरकारों को जिस नियम के तहत शक्तियां प्राप्त थीं, उसे हटा दिया है। ऐसे में अब केंद्र या राज्य सरकारें चाहकर भी किसी को भी लाल, नीली बत्ती लगाने की इजाजत नहीं दे सकेंगी।
विज्ञापन
ये लगाते थे बत्ती
सूबे में मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, निगम-बोर्डों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष और प्रशासनिक अधिकारी लाल, नीली, संतरी बत्ती अपने वाहनों में लगा सकते थे। 21 अप्रैल की अधिसूचना के बाद हाईकोर्ट के जजों को छोड़कर किसी को भी बत्ती लगाने की छूट नहीं थी। अब केंद्र द्वारा एक्ट में बदलाव की अधिसूचना जारी करने के बाद प्रदेश समेत देशभर में किसी को भी किसी तरह की बत्ती लगाने की इजाजत नहीं होगी।
विज्ञापन
कइयों ने पहले ही हटा ली थी बत्ती
केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले के बाद प्रदेश के कई महत्वपूर्ण लोगों ने अपने वाहनों से बत्ती हटा ली थी। इनमें राज्यपाल आचार्य देवव्रत, पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल, एचपीयू के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी के अलावा कई विधायक भी शामिल थे।