फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   HP High Court: Answer sought from the govt on charging additional tuition fees from MMU students

HP High Court: एमएमयू के विद्यार्थियों से अतिरिक्त ट्यूशन फीस वसूलने पर सरकार से मांगा जवाब

Tue, 11 Apr 2023 06:30 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 11 Apr 2023 06:30 PM IST
सार

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सबीना और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई दो हफ्ते बाद निर्धारित की है। एमएमयू और उससे संबद्ध मार्कंडेश्वर मेडिकल कॉलेज कुमारहट्टी के करीब 1200 विद्यार्थियों से 103 करोड़ 96 लाख 53 हजार रुपये की अतिरिक्त ट्यूशन फीस वसूलने का आरोप लगाया गया था।

विज्ञापन
HP High Court: Answer sought from the govt on charging additional tuition fees from MMU students
हिमाचल हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महर्षि मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय (एमएमयू) के विद्यार्थियों से अतिरिक्त ट्यूशन फीस वसूलने पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से दो हफ्ते के भीतर विस्तृत जवाब तलब किया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सबीना और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई दो हफ्ते बाद निर्धारित की है। एमएमयू और उससे संबद्ध मार्कंडेश्वर मेडिकल कॉलेज कुमारहट्टी के करीब 1200 विद्यार्थियों से 103 करोड़ 96 लाख 53 हजार रुपये की अतिरिक्त ट्यूशन फीस वसूलने का आरोप लगाया गया था। इस अनियमितता के लिए मार्कंडेश्वर मेडिकल कॉलेज पर निजी शिक्षा नियामक आयोग ने 45 लाख का जुर्माना लगाया था। हालांकि हाईकोर्ट ने 22 जुलाई 2022 को आयोग के इस फैसले पर रोक लगा रखी है। आयोग ने सुनवाई के दौरान पाया था कि वर्ष 2012 से 2020 की अवधि के दौरान लगभग 1100 एमबीबीएस विद्यार्थियों से 103 करोड़ 96 लाख 53 हजार रुपये की अतिरिक्त ट्यूशन फीस वसूली जा चुकी है।

विज्ञापन


एमएमयू की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि हिमाचल राज्य निजी शिक्षा नियामक आयोग की ओर से पारित आदेशों पर पूर्ण कोरम के हस्ताक्षर नहीं किए गए थे। आयोग की ओर से अदालत को बताया गया कि आयोग के दो सदस्यों में से जिन्होंने इस मामले की सुनवाई की थी, एक सदस्य शशिकांत शर्मा ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए। शशिकांत शर्मा ने हस्ताक्षर से इंकार करते हुए कहा था कि उनकी बेटी भी विश्वविद्यालय में नामांकित थी। गौरतलब है कि वर्ष 2013-14 बैच की एमबीबीएस छात्रा निवेदिता राव व यामिनी ने शिकायत की थी कि शुरू में उन्होंने अतिरिक्त ट्यूशन फीस की वसूली को लेकर विरोध भी किया था। उन्हें यह कहकर धमकाया गया कि फीस न जमा करने पर डिग्री नहीं पूरी होने दी जाएगी। ये भी आरोप लगा था कि एसटी छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति को भी डकार लिया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed