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शिक्षकों के लिए आया बड़ा फैसला, पढ़ें ये खबर..

Fri, 06 Jun 2014 09:11 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 06 Jun 2014 09:11 PM IST
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HP Govt now will not remove computer teacher in state

प्रदेश सरकार स्कूलों में कंपनी के माध्यम से तैनात उन कंप्यूटर शिक्षकों को नहीं हटाएगी, जो अभी इन पदों पर कार्यरत हैं। इसके अलावा चयन बोर्ड की ओर से चयनित 767 उमीदवारों की नियुक्ति भी करेगी।

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सरकार की ओर से यह जानकारी महाधिवक्ता ने हाईकोर्ट को दी है। इससे प्रदेश के हजारों शिक्षकों को राहत मिली है।

हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता के इस बयान के आधार पर कंप्यूटर शिक्षकों की ओर से दायर अपील का निपटारा करते हुए सरकार को आदेश दिए कि कमेटी गठित कर कंप्यूटर शिक्षकों के लिए नीति बनाने को संभावना तलाशी जाए।
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कंपनी के माध्यम से तैनात किए हैं ये शिक्षक

HP Govt now will not remove computer teacher in state

कंप्यूटर शिक्षक प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कंपनी के माध्यम से वर्ष 2005-2006 में तैनात किए गए थे।

इन्होंने सरकार से मांग की थी कि उन्हें अनुबंध या तदर्थ आधार पर लेक्चरर पद का दर्जा और समान काम, समान वेतन की नीति पर न्यूनतम वेतन दिया जाए।

सरकार ने शिक्षकों का आग्रह ठुकरा दिया था। इस पर शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने भी इन शिक्षकों को राहत देने के इनकार किया था।

खंडपीठ में दी थी फैसले को चुनौती

HP Govt now will not remove computer teacher in state

एकलपीठ के फैसले को खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी गई। इस अपील का निपटारा करते हुए खंडपीठ ने कहा कि कमेटी गठित कर कंप्यूटर शिक्षकों की मांगों के निपटारे को शीघ्र नीति बनाने के लिए संभावनाएं तलाशी जाएं।

कोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश के 1562 कंप्यूटर शिक्षकों को नियमितीकरण की नीति बनने की आस बंधी है। शिक्षकों के अनुसार वे प्रदेश के 1358 से अधिक स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अभी तक नियमितीकरण को कोई नियम नहीं बने हैं।

प्रदेश कंप्यूटर शिक्षक एसोसिएशन के अध्यक्ष दलजीत मन्हास, महासचिव रोशन मेहता, उपाध्यक्ष राकेश शर्मा, संरक्षक राजेश शर्मा सहित कार्यकारिणी से सदस्यों ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है।

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