सरकार के हाल! 700 रुपए की पगड़ियों के लिए टेंडर पर ही बहा दिए हजारों
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हिमाचल के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक टेंडर चर्चा का विषय बना हुआ है। हिमाचल सरकार के कुछ अफसरों ने 600 से 700 रुपये की कीमत की दो पगड़ियों को खरीदने के लिए टेंडर जारी कर दिया।
टेंडर को प्रकाशित करने के लिए बाकायदा हजारों रुपये भी खर्च कर दिए। सोशल मीडिया पर जब इस टेंडर की चर्चा शुरू हुई तो बजाय गलती मानकर कार्रवाई करने के जिम्मेदार अफसरों ने इस मामले को दबाने का प्रयास शुरू कर दिया।
दरअसल, हिमाचल में वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान कार चालकों के पहनने के लिए दो पगड़ियां खरीदी जानी थीं। इसकी जिम्मेदारी सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त सचिव अश्विनी कुमार शर्मा के पास थी।
अखबारों में दे दिए टेंडर, अब होगी रिकवरी
विभाग को दो पगड़ियां खरीदने की कोटेशन मांगने के लिए केवल एक पत्र जारी करना था लेकिन अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही के चलते दो पगड़ियां खरीदने के लिए टेंडर जारी हो गया। ये टेंडर तमाम अखबारों में छप गए।
दो पगड़ियों के लिए छपा टेंडर पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया। मामला गर्माया तो अधिकारियों और बाबुओं ने एक-दूसरे पर इसका ठीकरा फोड़ना शुरू कर दिया। इस बीच मामला सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मोहन चौहान के पास पहुंच गया।
चौहान ने पहले तो संबंधित अधिकारियों से सफाई मांगी लेकिन अधिकारी और बाबू के एक-दूसरे पर आरोप लगाने पर उन्होंने जांच के आदेश दे दिए हैं। मोहन चौहान ने बताया कि मामले में जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उससे इन पगड़ियों के टेंडर पर हुए बेमतलब के खर्च रिकवरी की जाएगी।