अच्छी खबर: अब इन्हें नहीं चुकाना पड़ेगा वैट
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हिमाचल प्रदेश में आठ लाख तक के ढाबा कारोबारियों को वैट के दायरे से बाहर किया जाएगा। सोमवार को विधानसभा में आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी की ओर से संशोधित वैट विधेयक को पेश किया गया, जिसमें राज्य में कारोबार करने वाले व्यापारियों को बड़ी राहत देने का प्रावधान किया गया है।
राज्य में पांच लाख तक के ढाबा कारोबारियों को वैट से बाहर रखा गया था। इनकी सीमा बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दी गई है, जिससे प्रदेश के लाखों कारोबारियों को फायदा होगा। डीलरों के लिए डीम्ड असेसमेंट करने के लिए भी प्रावधान किया गया है। इसकी सूचना एसएमस से दी जाएगी।
हिमाचल में प्रवेश कर रहे ट्रकों जिनके पास ढोए जा रहे सामान की पूर्ण ऑनलाइन घोषणा की जाएगी, उसे बैरियर पर रोकने की आवश्यकता नहीं होगी।
विधेयक में किए गए नए प्रावधान
डीलरों को लिए अलग-अलग आईडी बनाई जा रही है, जिसके जरिये उन्हें रिटर्न अपलोड करने में आसानी होगी। इसके साथ ही विधेयक में कई नए प्रावधान किए गए हैं, जिससे प्रदेश के कारोबारियों को लाभ होने की संभावना है। बजट में भी इसकी घोषणा मुख्यमंत्री की ओर से की गई है।
अधीनस्थ न्यायालय कर्मचारी संशोधन विधेयक भी पेश
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से अधीनस्थ न्यायालय कर्मचारी संशोधित विधेयक सोमवार को विधानसभा में पेश किया। इस विधेयक के जरिये न्यायालय के 38 श्रेणी के कर्मचारियों को सीधे तौर पर लाभ होगा। इनके वेतन बढ़ने से एक करोड़ रुपये का सालाना आर्थिक बोझ पड़ेगा। एक अप्रैल 2003 से 31 मार्च 2014 तक न्यायालय कर्मियों को एरियर के तौर पर 9.43 करोड़ रुपये भुगतान करना होगा।