लाखों कर्मचारियों को झटका, सरकार ने जीपीएफ पर ब्याज दर घटाई
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हिमाचल सरकार ने लाखों कर्मचारियों को झटका देते हुए जीपीएफ पर ब्याज दर घटा दी है। इसे 8.8 प्रतिशत से घटाकर 8.1 प्रतिशत कर दिया है। राज्य सरकार के वित्त विभाग ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।
यह फैसला एक अप्रैल 2016 से 30 सितंबर 2016 तक लागू होगा। केंद्र सरकार की ओर से इस वित्त वर्ष की पहली छमाही के लिए जीपीएफ की ब्याज दर को घटाने के बाद ही हिमाचल सरकार ने यह फैसला किया है।
प्रदेश में वर्ष 2003 से पहले नियमित किए गए कर्मचारियों को जीपीएफ मिलता है जबकि इसके बाद नियमित होने वाले कर्मचारियों को ईपीएफ और सीपीएफ का ही लाभ मिलता है। वर्ष 2003 से पहले नियमित किए गए कर्मचारियों की संख्या हिमाचल में लगभग दो लाख है।
कर्मचारी संघ ने किया विरोध
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एसएस जोगटा ने इसका विरोध किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ही ब्याज दरों को घटाकर बड़ा अहित किया है। राज्य सरकार को केंद्रीय आदेशों का अनुसरण करना होता है। ऐसे में इसके लिए केंद्र सरकार ही दोषी है।
‘जीपीएफ पर ब्याज दर हर छह महीने बाद केंद्र सरकार ही तय करती है। राज्य सरकार केंद्रीय निर्देशों का ही अनुसरण करती है। यह सही है कि ये दर 0.7 प्रतिशत घटाई गई है। पहले ये 8.8 प्रतिशत थी, अब 8.1 प्रतिशत है।’-श्रीकांत बाल्दी, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त, हिमाचल सरकार