क्लिक कर पढ़िए कैबिनेट के ये चार बड़े फैसले
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हिमाचल के माननीयों के भत्ते बढ़ गए हैं। सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक में दैनिक और यात्रा भत्तों में वृद्घि के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है। दैनिक भत्ता हजार से डेढ़ हजार, यात्रा भत्ता 13 से बढ़ाकर 15 रुपये प्रति किलोमीटर किया गया है।
होम लोन की रकम 20 से बढ़ाकर 50 लाख करने की मंजूरी दी गई है। यही नहीं, हर विधायक को डाटा ऑपरेटर भी मिलेगा। पिछले महीने मार्च के आखिरी सप्ताह में ही विधानसभा सदस्य सुख - सुविधा (इम्युनिटी) कमेटी की ओर से सरकार को भत्तों में इजाफा करने सिफारिश की गई थी।
कमेटी की सिफारिश पर सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से सोमवार को प्रस्ताव कैबिनेट में लाया गया था। विधानसभा इम्युनिटी कमेटी के सदस्य संजय रतन ने कहा कि उनकी मांगों पर सरकार ने विचार कर लिया है। यह अच्छी बात है, लेकिन प्रदेश के विधायक आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
खेल विधेयक से बाहर हुआ एचपीसीए
सूबे के प्रस्तावित नए खेल विधेयक से हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) को बाहर कर दिया गया है। सोमवार को आनन फानन में बुलाई गई मंत्रिमंडल की बैठक में नए खेल विधेयक को हरी झंडी दे दी गई। इस विधेयक के दायरे में राज्य की खेल एसोसिएशन और सोसाइटियों को लाया जाएगा। किसी भी एसोसिएशन का पदाधिकारी नामित नहीं होगा बल्कि चुनाव से ही बन पाएगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर कोई भी व्यक्ति तीन बार से अधिक अध्यक्ष नहीं बन सकता है। बताया जा रहा है कि एचपीसीए को भी नए खेल विधेयक के दायरे में लाने की तैयारी थी। इसी कारण लंबे समय से विधेयक लटका रहा। एचपीसीए ने कंपनी एक्ट के तहत पंजीकरण कराया है। ऐसे में सरकार के लिए एसोसिएशन के दायरे में ला पाना बेहद मुश्किल था।
एचपीसीए को नए खेल विधेयक के दायरे में लाने के लिए सरकार को राष्ट्रपति से मंजूरी लेनी पड़ती। सरकार इतनी लंबी प्रक्रिया से गुजरने को तैयार नहीं थी। ऐसे में इस विवादित मुद्दे को नए खेल विधेयक से हटा दिया गया है। नए विधेयक के दायरे में केवल खेल एसोसिएशन और सोसाइटी को ही लाया गया है। इनके लिए एक निश्चित अवधि के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य किया गया है। कोई भी व्यक्ति किसी भी एसोसिएशन का अध्यक्ष आजीवन नहीं रह सकता। सरकार के इस विधेयक से हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।
मेडिकल कॉलेजों पर भी फैसला
हिमाचल में तीनों मेडिकल कॉलेज सेल्फ फाइनांस से चलेंगे। राज्य की वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने बताया कि नाहन, चंबा और हमीरपुर में बनने वाले कॉलेजों की जमीन फाइनल कर दी गई है। केंद्र सरकार से इसके निर्माण के लिए जल्द पैसा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि नाहन में कॉलेज बनाने के लिए 21 एकड़ जमीन का चयन किया गया है। यह भूमि हरीपुर मुहल्ला नाहन में है। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के लिए क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर से लगभग 9 किलोमीटर दूर जोलसपड स्थित मोहाल थाई एवं जांदली राजपूतां में 14-54-83 हेक्टेयर भूमि का चयन हुआ है। चंबा मेडिकल कॉलेज के लिए सरोल नाम स्थान पर 121 बीघा जमीन चिह्नित की गई है।
उन्होंने कहा कि नाहन कॉलेज के लिए 215 करोड़, हमीरपुर कॉलेज के लिए 206 करोड़ और चंबा कॉलेज के निर्माण पर 189.51 करोड़ की डीपीआर तैयार की गई है। ये डीपीआर केंद्र को भेज दी गई है। कौल ने कहा कि अगले सत्र से कक्षाएं शुरू करने के लिए अगस्त में एमसीआई के पास आवेदन किया जाएगा।
पटवारी, कानूनगो को सेवा विस्तार
हिमाचल प्रदेश के पटवारी और कानूनगो को एक साल का सेवा विस्तार दिया गया है। नई भर्ती वाले पटवारियों की जब तक फील्ड में तैनाती नहीं कर दी जाती, तब तक रिटायर पटवारी और कानूनगो से सरकार काम लेती रहेगी।
मानदेय के तौर पर सरकार पटवारी को 10 हजार और कानूनगो को 12 हजार रुपये भुगतान करेगी। प्रदेश में ऐसे पटवारी और कानूनगो की संख्या करी दो सौ है। इसके अलावा भी कैबिनेट में कई अन्य मामलों पर चर्चा की गई। इनमें कर्मचारियों से जुड़े मामले छाए रहे मगर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया।