{"_id":"5e6b721c8ebc3ea7bf453b00","slug":"hp-budget-session-2020-question-hour-schools-with-less-than-20-students-merge-in-himachal","type":"story","status":"publish","title_hn":"बजट सत्र के बाद 20 बच्चों से कम संख्या वाले 6127 स्कूल मर्ज होंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बजट सत्र के बाद 20 बच्चों से कम संख्या वाले 6127 स्कूल मर्ज होंगे
Fri, 13 Mar 2020 05:15 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 13 Mar 2020 05:15 PM IST
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीस विद्यार्थियों से कम संख्या वाले 6127 सरकारी स्कूल बजट सत्र के बाद साथ लगते स्कूलों में मर्ज किए जाएंगे। शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान विधायक रमेश धवाला के सवाल पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नामांकन शून्य रहने पर बीते साल 80 स्कूलों में शैक्षणिक सत्र नहीं चला। फिलहाल ये स्कूल बंद नहीं किए हैं। नामांकन होते ही दोबारा चलाए जाएंगे।
विज्ञापन
दाखिले न होने पर इन स्कूलों का स्टाफ अन्य स्कूलों में भेजा है। मंत्री ने कांग्रेस पर राजनीतिक मंशा से ज्यादा स्कूल-कॉलेज खोलने का आरोप भी लगाया। इसको लेकर सदन में खूब हंगामा हुआ। शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 4994 प्राइमरी, 1092 मिडल, 32 उच्च और नौ सीनियर सेकेंडरी स्कूल ऐसे हैं, जहां विद्यार्थियों की संख्या 20 से कम है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुसार डेढ़ किमी से अधिक दूरी पर स्कूल न होने और स्कूल में कम से कम 25 बच्चों का दाखिला होने का प्रावधान है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में क्लस्टर स्कूल खोलने की घोषणा की है, जो आसपास के कुछ स्कूलों को जोड़कर बनाए जाएंगे। बजट सत्र के बाद स्कूलों को मर्ज करने पर फैसला लिया जाएगा। नामांकन बढ़ाने को प्री प्राइमरी स्कूल खोले हैं। कहा कि कांग्रेस ने विस चुनाव से पहले 21 कॉलेज खोलने की घोषणा की। इनके लिए एक-एक लाख का प्रावधान किया। इसी तरह कई स्कूल राजनीतिक लाभ के लिए खोले गए। हमारी सरकार ने इन्हें बंद नहीं किया। नामांकन शून्य रहने से बीते साल 80 स्कूलों में कक्षाएं नहीं बैठीं।
विज्ञापन
मुहावरों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में हुई तीखी नोकझोंक
शिक्षा मंत्री ने अपने संबोधन के दौरान एक मुहावरा बोला। इस पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई। मंत्री बोले - मैंने आपको संबोधित करते हुए यह मुहावरा नहीं कहा। विपक्ष मंत्री से अपने शब्द वापस लेने पर अड़ा रहा। मुख्यमंत्री और विस अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद भी कांग्रेस विधायक शांत नहीं हुए।
नेता विपक्ष ने कहा कि अगर शिक्षा मंत्री की बात कार्यवाही से नहीं हटानी है तो उनके बोले गए मुहावरे को भी जोड़ा जाए। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक हुई। विधानसभा अध्यक्ष ने शिक्षा मंत्री और नेता विपक्ष के बोले मुहावरे कार्यवाही से हटाने के निर्देश दिए।