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HP Assembly Session: सीएम सुक्खू बोले- सरकार ने 39,220 लोगों को दिया रोजगार, 5 साल में हर गारंटी करेंगे पूरी

Wed, 20 Aug 2025 12:48 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 20 Aug 2025 12:48 PM IST
सार

 प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र के तीसरे दिन भी सदन में हंगामा हुआ। प्रश्नकाल के दाैरान सत्तापक्ष व विपक्ष में जाॅब ट्रेनी पाॅलिसी व बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर तीखी नोकझोंक हुई। 

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HP Assembly Monsoon Session: heated argument in the House on the issue of jobs,  opposition party
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सदन में संबोधित करते हुए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार ने अब तक 39,220 लोगों को रोजगार दिया है। पिछले डेढ़ वर्ष में 34,980 को रोजगार दिया गया। उन्होंने विधानसभा में कहा कि चुनाव घोषणा पत्र में किए हर वायदे को कांग्रेस सरकार पांच साल में पूरा करेगी। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन रोजगार के मुद्दे पर खूब गरमाया। मुख्यमंत्री के जवाब से नाराज भाजपा विधायक नारेबाजी कर विरोध स्वरूप सदन से बाहर चले गए। विपक्ष ने कांग्रेस की चुनावी गारंटी का हवाला देकर सरकार को घेरा तो मुख्यमंत्री ने ढाई साल में दी नौकरियों को एक-एक कर गिनवाया। विधायक बिक्रम ठाकुर, सतपाल सिंह सत्ती और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने 58 साल की पक्की नौकरी के वादे से मुकरने और अनुबंध भर्ती को जॉब ट्रेनी में बदल कर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया।

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भाजपा विधायकों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की पात्र बहनों को 1500 रुपये देने का वादा भी पूरा किया जाएगा। लोकसेवा और राज्य चयन आयोग के माध्यम से जो भी चयनित होकर आएंगे, उन्हें दो साल बाद नियमित किया जाएगा। कोर्ट के आदेशों पर अनुबंध का नाम ट्रेनी में बदला गया है। सरकार ने विभिन्न विभागों में 5,960 पद सृजित किए हैं। पूर्व की भाजपा सरकार ने केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए संस्थान खोले। उनमें न पद सृजित किए और न ही पद भरे गए। लेकिन उनकी सरकार ऐसा नहीं करेगी।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि 7,000 पद शिक्षा विभाग में ही भरे गए हैं। 5,000 पंप ऑपरेटरों, 1100 नर्सों की भर्ती की गई है। कई पदों को भरने का मामला आयोग को भेजा गया है। 200 डॉक्टरों के पदों का परिणाम घोषित होने वाला है। 6,200 एनटीटी प्रशिक्षकों और 6,000 आया को जल्द नियुक्ति दे दी जाएगी। प्रदेश के युवाओं को विदेशों में भी रोजगार मुहैया करवा जा रहा है। इसको लेकर यूरोप और जापान के दूतावास से बात चल रही है। भारत सरकार से इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन को इसका लाइसेंस भी मिल गया है। सऊदी अरब में कुछ युवाओं को रोजगार दिलवाया भी जा चुका है। उन्होंने सदन को आश्वस्त करवाया कि इस साल नौकरियां ही नौकरियां मिलेगी। विदेश में नौकरी करने गए युवाओं को सरकार ट्रैक और ट्रेस भी कर रही है।



 

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परमार बोले, पिछले वर्ष बताया 34,980 नौकरियां दीं, अब आंकड़ा 23,191 कैसे हो गया
इससे पूर्व भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि पिछले साल सरकार से जवाब आया था कि 34,980 को रोजगार दिया गया है। अब 15 अगस्त के दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि 23,191 को रोजगार दिया गया है। यह अंतर कैसे आया। मुख्यमंत्री का कथन विरोधाभासी है। इसके लिए उन्हें युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस ने चुनाव के दौरान पांच साल में पांच लाख रोजगार देने का वादा किया था। इस हिसाब में ढाई वर्ष में ढाई लाख को रोजगार मिलना चाहिए था, वह क्यों नहीं मिला।

देहरा की विधायक को भाजपा की दया से लगी सैलरी
भाजपा विधायक सतपाल सत्ती ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश की बहनों को 1500 रुपये की पेंशन तो सरकार ने दी नहीं लेकिन भाभी को पेंशन जरूर लगवा दी। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरा से विधायक कमलेश ठाकुर को पेंशन नहीं लगी है, बल्कि सैलरी लगी है और यह भाजपा की दया से लगी है। यदि ऐसी ही दया रही तो कई महिलाओं को सैलरी लग जाएगी। सीएम ने कहा कि विपक्ष ने उन पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। यदि वे झूठ बोल रहे हैं तो उनके खिलाफ प्रिविलेज लाया जाए।
 

तीन मंत्रियों से लड़ रहा हूं, मेरा गला दबाया हुआ है : बलबीर वर्मा
चौपाल के विधायक बलबीर वर्मा ने आपदा पर चर्चा के दौरान कहा, मैं तीन मंत्रियों से लड़ रहा हूं, मेरा गला दबाया हुआ है, अध्यक्ष महोदय मेरी ओर ध्यान दीजिये। चौपाल की एक लाख जनता का हक सरकार अन्य क्षेत्रों को दे रही है। बजट आवंटन में सौतेला व्यवहार हो रहा है, आपदा राहत के लिए चौपाल को तीन साल में 10 करोड़ मिले हैं अन्य विधानसभा क्षेत्रों को 34 करोड़ तक दिए गए। मुख्य सड़क पर 8-8 घंटे जाम लगने से सेब की क्वालिटी खराब हो रही है और बागवानों को अच्छे रेट नहीं मिल रहे। जल शक्ति विभाग ने अन्य क्षेत्रों के मुकाबले चौपाल को तीन गुना कम पैसा दिया। 2023 से सड़कें खराब होने से 32 बस रूट बंद हैं।

केंद्र से मदद मिलने पर ही प्रभावितों को मिलेगी राहत : विवेक
शिमला। नियम 67 में स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक विवेक शर्मा ने आपदा से हिमाचल में हुई भारी क्षति का मामला उठाया। विवेक ने कहा की जब तक केंद्र सरकार से प्रदेश को आपदा राहत राशि नहीं मिलती तब तक प्रभावितों को पर्याप्त मदद नहीं हो पाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि विपक्ष के नेतृत्व में आपदा राहत मांगने के लिए दिल्ली जाने को तैयार हैं। प्रदेश सरकार ने अपने स्तर पर आपदा प्रभावितों को राहत देने के लिए हर संभव प्रयास किया है। आपदा से ऊना जिला में भी भारी क्षति हुई है। 8 अगस्त की बारिश से पूरा शहर जलमग्न हो गया और करोड़ों का नुकसान हुआ।

प्राकृतिक से बड़ी आर्थिकी आपदा आएगी हिमाचल में : राणा
भाजपा विधायक प्रकाश राणा ने कहा कि प्राकृतिक आपदा पर सदन में तीन दिन से चर्चा चल रही है। हम इस आपदा से निपट भी रहे हैं, लेकिन हिमाचल में अब जो आपदा आएगी, इससे निपटना बहुत मुश्किल हो जाएगा। यह बड़ी आर्थिकी आपदा होगी। हम लोग यहां बैठें है। शर्म आनी चाहिए। हम कर्मचारियों को पेंशन और तनख्वाह तक नहीं दे पा रहे है। हर बार केंद्र की बातें करते हैं। हमें भी तो आर्थिक सुधार के लिए प्रयास करने की जरूरत है। इसके लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष नहीं देखना होगा। आर्थिकी ठीक न हो तो देश-प्रदेश हिल जाते हैं। केंद्र अगर पैसा दे भी देता है तो दो से तीन महीने काम चल सकता है। हमें अपने खर्चे कम करने की जरूरत है।

आपदा क्यों आ रही है, कारण जानने की जरूरत : जमवाल
भाजपा विधायक त्रिलोक जमवाल ने कहा कि वर्ष 2023 से लेकर आपदा हिमाचल को झकझोर रही है। वर्ष 2023 में 498 लोगों की मृत्यु हुई। वर्ष 2024 में 161 और अब इस वर्ष 261 लोगों की मृत्यु हुई है। इससे पीछे अगर जाएं तो वर्ष 2020 में कोरोना ने महामारी का रूप लेकर हिमाचल सहित पूरे विश्व को हिला दिया। प्राकृतिक आपदा क्यों आ रही है। हमें इसके कारणों में जाने की जरूरत है। नदी नालों के किनारे मकान बनाने पर रोक लगा दी। सिर्फ अधिसूचना जारी करने से कुछ नहीं होने वाला है। फील्ड में कम करने की जरूरत है।

नालों का हो चैनेलाइजेशन : रणजीत
शिमला। कांग्रेस विधायक रणजीत सिंह ने चर्चा में भाग लेते हुए नालों की चैनेलाइजेशन का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र के नालों में मिट्टी बह गई है। इन्हें खाली करने की जरूरत है। आपदा के दौरान बंद पड़ी सड़कों को चंद घंटों में खोल दिया गया। जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों ने आपदा में बहुत अच्छा काम किया। उन्होंने आपदा के दौरान सरकार की ओर से किए गए कार्यों की सराहना की।
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