शौचालय नहीं बनवाया तो अब कोर्ट में लगेगी पेशी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शौचालय न बनाने वालों पर चंबा में प्राथमिकी दर्ज होगी। 31 अगस्त तक सभी लोगों को शौचालय बनाने के निर्देश दिए गए थे और इस कड़ी को सौ प्रतिशत तक पहुंचाना था लेकिन 31 अगस्त के बाद जिला के सभी खंड विकास कार्यालयों से आए रिकॉर्ड के मुताबिक कोई भी कार्यालय सौ प्रतिशत लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया है।
भरमौर उपमंडल में इस कड़ी में प्रशासन ने लोगों को सरकारी योजना से वंचित करने का ऐलान किया है। जबकि अन्य खंडों में शौचालय न बनाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जो लोग शौचालय नहीं बनाएंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
सरकारी कर्मचारी भी सूची में शामिल
खंड विकास अधिकारियों ने जो रिपोर्ट अपने स्तर पर तैयार की है उन्हें वह रिपोर्ट प्रशासन को देनी होगी और उसके बाद प्राथमिकी दर्ज करने का काम शुरू हो जाएगा। खंड विकास चंबा में कुछ सरकारी कर्मचारी भी हैं जिन्होंने बार-बार आदेश जारी होने के बावजूद शौचालय नहीं बनाए हैं।
गौरतलब है कि प्रशासन ने पहले 31 मार्च तक पूरे जिला को खुला शौचमुक्त बनाने के लिए अभियान चलाया था लेकिन 31 मार्च को यह अभियान पूरा नहीं हो पाया। इसके बाद खंड विकास अधिकारियों की मांग पर लक्ष्य हासिल करने की अवधि को पहले जून और फिर अगस्त तक बढ़ाया गया लेकिन अब अगस्त महीना पूरा होने के बाद भी लक्ष्य सौ प्रतिशत तक नहीं पहुंच सका है।
उपायुक्त बोलीं दर्ज होगी प्राथमिकी
खंड विकास अधिकारी चंबा मोहन शर्मा ने बताया कि शौचालय न बनाने वालों के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करवाई जाएगी और एसडीएम कार्यालय के माध्यम से उन्हें नोटिस भेजे जाएंगे। इन लोगों ने अब कानूनी तौर पर शौचालय न बनाने के संबंध में जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने बताया कि किसी भी सूरत में सौ प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना ही होगा।
जबकि उपमंडल अधिकारी भरमौर डॉ. जितेंद्र कंवर ने बताया कि उन्होंने खंड विकास अधिकारी से शौचालय के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। जैसे की रिपोर्ट आ जाएगी, शौचालय न बनाने वालों को नोटिस भेजे जाएंगे। उपायुक्त एम सुधा देवी का कहना है कि एसडीएम के माध्यम से शौचालय न बनाने वालों को नोटिस भेजे जा सकते हैं। उन पर प्राथमिकी दर्ज हो सकती है और उन्हें इस प्राथमिकी का जवाब देना होगा। शौचालय न बनाने वालों पर यह कार्रवाई की जा सकती है।