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आठ महीनें बंद रहे होटल, फिर भी 22000 कूड़े का बिल
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Hotel colsed for eight month, Mc send garveg Bill
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निगम ने जारी कर रखे 22 हजार रुपये तक के बिल, होटल एसोसिएशन ने लगाई कूड़े के बिल माफ करने की गुहार
शिमला। कोविड-19 के चलते लगाए गए लॉकडाउन के कारण बीते साल करीब आठ महीने राजधानी शिमला में होटलों पर ताले लटके रहे। बावजूद इसके नगर निगम ने होटलों को 15 से 22 हजार रुपये के कूड़े के बिल जारी कर दिए हैं।
शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने इसे नगर निगम की मनमानी बताया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सूद ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान होटल बंद रहे। होटल में न स्टाफ था न कोई मेहमान आया। कूड़ा ही नहीं था तो उठता भी कैसे। ऐसे में नगर निगम किस आधार पर कूड़े के बिल की मांग कर सकता है। हर साल नगर नगम कूड़े के बिल की दरों में 10 फीसदी बढ़ोतरी कर रहा है। यह भी सरासर गलत है। एसोसिएशन ने नगर निगम आयुक्त से यह मामला उठाया, तो आयुक्त ने कहा कि राहत देने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा था लेकिन सरकार ने अभी तक स्वीकृति नहीं दी है। इसलिए नगर निगम अपने स्तर पर कोई राहत नहीं दे सकता।
टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र सेठ ने कहा कि होटलों से कमरों के आधार पर कूड़े के बिल वसूले जा रहे हैं। कहा कि जो सेवा दी ही नहीं गई उसकी एवज में वसूली सरासर गलत है। सरकार को होटलों के कूडे़ के बिल पूरी तरह माफ करने चाहिए।
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शिमला। कोविड-19 के चलते लगाए गए लॉकडाउन के कारण बीते साल करीब आठ महीने राजधानी शिमला में होटलों पर ताले लटके रहे। बावजूद इसके नगर निगम ने होटलों को 15 से 22 हजार रुपये के कूड़े के बिल जारी कर दिए हैं।
शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने इसे नगर निगम की मनमानी बताया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सूद ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान होटल बंद रहे। होटल में न स्टाफ था न कोई मेहमान आया। कूड़ा ही नहीं था तो उठता भी कैसे। ऐसे में नगर निगम किस आधार पर कूड़े के बिल की मांग कर सकता है। हर साल नगर नगम कूड़े के बिल की दरों में 10 फीसदी बढ़ोतरी कर रहा है। यह भी सरासर गलत है। एसोसिएशन ने नगर निगम आयुक्त से यह मामला उठाया, तो आयुक्त ने कहा कि राहत देने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा था लेकिन सरकार ने अभी तक स्वीकृति नहीं दी है। इसलिए नगर निगम अपने स्तर पर कोई राहत नहीं दे सकता।
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टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र सेठ ने कहा कि होटलों से कमरों के आधार पर कूड़े के बिल वसूले जा रहे हैं। कहा कि जो सेवा दी ही नहीं गई उसकी एवज में वसूली सरासर गलत है। सरकार को होटलों के कूडे़ के बिल पूरी तरह माफ करने चाहिए।
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