फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   History of Himachal will be seen on screen: Jairam

स्क्रीन पर नजर आएगा हिमाचल का इतिहास: जयराम

Tue, 23 Jul 2019 07:48 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 23 Jul 2019 07:48 PM IST
विज्ञापन
History of Himachal will be seen on screen: Jairam
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल में पर्यटकों को जगह-जगह पर स्क्रीन पर हिमालय क्षेत्र के मिथक और किंवदंतियां दिखाई जाएंगी। राज्य सरकार स्थानीय लोगों और पर्यटकों को मनोरंजन के अतिरिक्त आकर्षण उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से कुछ चुनिंदा स्थानों पर बहुआयामी मल्टी मीडिया ‘लाइट शो’ शुरू करने पर विचार कर रही है।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को मशहूर अभिनेत्री, निर्माता और मीडिया उद्यमी दीपा साही की ओर से दी गई प्रस्तुति के दौरान यह बात कही। वह मायानगरी वर्डवन कंपनी की चेयरपर्सन हैं।
विज्ञापन


इस कंपनी की ओर से गोबिंदगढ़ किले को एक उच्च स्तरीय सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए पहल हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू के पास मोहाल नेचर पार्क, मनाली के निकट बड़ागाह और शिमला रिपोर्टिंग रूम जैसे कुछ स्थान हैं, जहां इस तरह के शो हो सकते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

इस मौके पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि मल्टी मीडिया लाइट और नवीनतम मनोरंजन प्रौद्योगिकी की मदद से सांस्कृतिक उद्यमों के लिए एक व्यावहारिक मॉडल तैयार किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि हिमालय क्षेत्र के मिथकों और किंवदंतियों को दर्शाने के भी प्रयास किए जाएंगे। यह पर्यटकों के लिए बड़ा मनोरंजक होगा, क्योंकि इससे ऐसा प्रतीत होगा कि पहाड़ जीवंत हो उठे हैं और दर्शकों से स्वयं बातें कर रहे हैं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि कंप्यूटर निर्मित दृश्य, डिजिटल विजुअल इफेक्ट्स, लाइव शूटिंग, पेंटिंग, लेजर लाइट और साउंड के माध्यम से बनाए गए एपिक शो एक भव्य एवं प्रभावशाली दृश्य प्रस्तुत करेंगे।

उन्होंने कहा कि पर्यटकों को हाइड्रोलिक मूविंग प्लेटफॉर्म की सहायता से 3 डी के माध्यम से रोमांचकारी साहसिक खेलों के 7-डी जैसा प्रभाव प्रदान किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिमला के भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान में भी ऐसी गतिविधियों के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से मामला उठा सकती है।

इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, सचिव भाषा और संस्कृृति डा. पूर्णिमा चौहान, निदेशक, पर्यटन सीपी वर्मा, प्रधान मुख्य वन अरण्यपाल अजय कुमार, प्रबंध निदेशक एचपीटीडीसी कुमुद सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विनय सिंह मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed