पुस्तक खरीद में अनियमितताओं के खिलाफ विस का घेराव करेगा हिंदी प्रकाशक संघ
समग्र शिक्षा अभियान में किताब खरीद में प्रकाशक संघ कई अनियमितताएं उजागर कर रहे हैं। बीते दो माह से प्रकाशकों और शिक्षा विभाग में गतिरोध बना हुआ है।
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राज्य शिक्षा विभाग में करीब 10 करोड़ से की जाने वाली किताब खरीद प्रक्रिया में अनियमितताओं के खिलाफ बुधवार को हिंदी प्रकाशक संघ प्रदेश विधानसभा का घेराव करेगा। उत्तर-मध्य भारत हिंदी प्रकाशक संघ और अखिल भारतीय हिंदी प्रकाशक संघ के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। समग्र शिक्षा अभियान में किताब खरीद में प्रकाशक संघ कई अनियमितताएं उजागर कर रहे हैं। बीते दो माह से प्रकाशकों और शिक्षा विभाग में गतिरोध बना हुआ है।
सोमवार को प्रकाशकों के प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ के प्रकाशक सत्य प्रकाश सिंह के नेतृत्व में विभिन्न राजनीतिक नेताओं और हिमाचल के स्थानीय लेखकों से मुलाकात की। प्रकाशक सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि प्रकाशक किताब खरीद पर 35 प्रतिशत छूट देने को तैयार हैं, लेकिन शिक्षा विभाग हमसे मात्र 10 प्रतिशत छूट चाहता है। दिल्ली के प्रकाशक संजय शर्मा ने बताया कि शिक्षा विभाग ने एक कूरियर कंपनी के पते पर दर्ज आठ फर्मों को कार्य देने की तैयारी की थी। इस प्रकार एक पत्ते पर कई फर्म दर्ज हैं, जिसका प्रमाण समग्र शिक्षा राज्य परियोजना कार्यालय के निदेशक और शिक्षा सचिव को उपलब्ध कराया है।
शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर भी शिकायत को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। वाणी प्रकाशन के संचालक अरुण माहेश्वरी ने कहा कि प्रदेश का शिक्षा विभाग देश के प्रतिष्ठित प्रकाशकों की बेहतरीन किताबों को नजरअंदाज न करे। साहित्यिक प्रकाशक विभोर अग्रवाल ने कहा कि देश में ऐसा पहली बार हुआ है कि इलाहाबाद, बनारस, लखनऊ, कानपुर व आगरा जैसे प्रकाशन केंद्र से एक भी प्रकाशक की किताब चयनित नहीं की गई हैं। राजस्थान के प्रकाशक आशीष मलिक का मानना है कि हिमाचल के शिक्षा विभाग ने सारे देश में अपनी भद्द करा ली है। अखिल भारतीय हिंदी प्रकाशक संघ के उपाध्यक्ष आरके यादव का कहना है कि आज तक देश के किसी भी राज्य के शिक्षा विभाग ने इस प्रकार का तानाबाना नहीं रचा था।
सीएम के आश्वासन पर टाल दिया विस का प्रदर्शन: मंच
हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच के प्रदेशाध्यक्ष बलराम पुरी ने कहा है कि मुख्यमंत्री के आश्वासन पर विधानसभा सत्र में किए जाने वाले प्रदर्शन को टाल दिया है। मंच को उम्मीद जगी है कि उनकी मांगें जल्द पूरी हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को मांगपत्र प्रेषित किया था, जिसमें मानसून सत्र से पहले मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई गई थी और साथ ही चेतावनी भी दी गई थी कि यदि ऐसा नहीं होता है तो मंच सत्र के दौरान धरना प्रदर्शन करने के साथ घेराव करेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा है कि मंच की मांगें सरकार के विचाराधीन हैं और सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। इसलिए प्रदर्शन को टाल दें।
मुख्यमंत्री के आश्वासन पर फिलहाल प्रदर्शन टाल दिया गया है। लेकिन यदि जल्द सरकार की ओर कार्रवाई नहीं होती है तो भविष्य में मंच धरने प्रदर्शन से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन के स्थायी समाधान व वित्तीय लाभ जो वर्ष 2015 से लंवित चले आ रहे हैं। इनमें महंगाई भत्ते का एरियर, अंतरिम राहत का एरियर, ग्रेज्युटी, पेंशन एरियर सहित अन्य वित्तीय लाभ शामिल है। इस मौके पर महासचिव बीर सिंह चौहान, ओमराज, रविंकात शर्मा, किशोरी लाल, हरनाम सिंह जरयाल, राजकुमार, सरूप चंद, अश्वनी कुमार मौजूद रहे।