फ्लैट बनाने को सरकार के हाथ खड़े, ब्याज समेत लौटाएंगे पैसा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम लोगों को घर का सपना दिखाने के बाद हिमाचल सरकार ने अब प्लॉट और फ्लैट बनाकर देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। जगह और लागत का हवाला देते हुए हिमुडा ने पूर्व में चिन्हित प्रदेश के 20 इलाकों में कॉलोनियां न बनाने का फैसला लिया है। डिमांड सर्वे के नाम पर हिमुडा ने लगभग 4 साल पहले प्लॉट और फ्लैट के लिए आवेदन के साथ 5-5 हजार रुपये सिक्योरिटी राशि ली थी।
करीब सत्तर हजार लोगों ने आवेदन किए थे। अब सरकारी एजेंसी पांच फीसदी ब्याज के साथ पैसा वापस करेगी। बेशक, यह पैसा 200 से कम आवेदनों वाले इलाकों के आवेदकों को लौटाने का दावा किया जा रहा है लेकिन अन्य क्षेत्रों में भी जमीन तय नहीं हो पाई है।
बीओडी की बैठक में हुआ फैसला
हाल ही में हुई बीओडी की बैठक में इस फैसले पर मोहर लग चुकी है। सत्तर हजार आवेदकों में से करीब 10 हजार ने पहले ही हिमुडा से अपनी सिक्योरिटी वापस ले ली थी। अब हिमुडा के पास 60 हजार के आसपास आवेदन बचे हैं। इनमें हजारों आवेदक ऐसे हैं जिन्होंने इन 20 क्षेत्रों में प्लॉट और फ्लैट के लिए आवेदन किया था।
लक्की ड्रॉ से मिलने थे फ्लैट-फ्लैट बनाने के बाद हिमुडा की योजना लक्की ड्रॉ से देने की थी। पिछले चार-पांच सालों में प्लॉट-फ्लैट को लेकर हिमुडा की काफी भद्द पिट चुकी है। शिमला के जाठिया देवी में फ्लैट बनाने का प्रोजेक्ट भी एयरपोर्ट अथॉरिटी की एनओसी की वजह से लटका हुआ है।
हिमुडा उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा ने बताया कि हिमाचल में 20 इलाके ऐसे हैं जहां के लिए लोगों ने आवेदन किए थे, लेकिन वहां कॉलोनियां का निर्माण नहीं किया जा सकता है। ऐसे में इन लोगों का पैसा पांच फीसदी ब्याज समेत वापस करने का फैसला लिया है।