हिमाचल विधानसभा में आखिरी दिन भी हंगामा, वॉकआउट
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हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन भी सदन में खूब हंगामा हुआ। विधायकों में हाथापाई और सीपीएस के फेसबुक कमेंट पर विपक्ष ने सत्तापक्ष के खिलाफ सदन में जमकर नारेबाजी की। आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और विपक्ष के नेता प्रेमकुमार धूमल सदन में फिर आमने-सामने हो गए। दोनों में तीखी नोकझोंक भी हुई।
सदन में हाथापाई के लिए सीएम को जिम्मेदार ठहराते हुए विपक्ष उनके माफी मांगने पर अड़ा रहा। फेसबुक कमेंट के लिए विपक्षी सदस्य सीपीएस नीरज भारती के इस्तीफे की भी मांग करते रहे। इसके चलते नारेबाजी चलती रही। इस बीच विपक्ष के सदस्य वाकआउट कर गए। विपक्ष की गैरमौजूदगी में ही 5 विधेयक पारित किए गए और सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
इन मुद्दों पर भी गरमाया सदन
सोमवार को मानसून सत्र के सातवें और आखिरी दिन स्पीकर के प्रश्नकाल शुरू करने से पहले ही भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने सदन में खड़े होकर कहा कि नियम 130 के तहत विपक्ष ने तीन नोटिस दिए थे, इन पर चर्चा नहीं हो पाई है। इनमें भ्रष्टाचार पर भी चर्चा शामिल थी।
भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शुक्रवार को सदन के शुरू होते ही जिस प्रकार की टिप्पणियां हुईं, विपक्ष ने उसी का विरोध किया था। इसी बीच, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने प्रदेश की राजनीति में कई दशक लगाए हैं। सदन में विपक्ष की ओर से ऐसा कभी नहीं देखा गया, जैसा हो रहा है। इसके बाद तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
वीरभद्र सिंह और धूमल आमने-सामने आ गए। आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। विपक्ष नारेबाजी पर उतर आया। नारेबाजी के बीच साढे़ ग्यारह बजे प्रश्नकाल शुरू हो गया। विपक्ष के सदस्य थोड़े समय के लिए सीटों पर बैठ गए। भाजपा के मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज ने ऐलान किया कि सीएम पूरे प्रकरण पर माफी मांगे और सीपीएस नीरज भारती को बर्खास्त करें। इसी मांग पर विपक्ष वाक आउट करता है।
विपक्ष की भूमिका शर्मनाक : वीरभद्र
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि विपक्ष की ओर से सदन के भीतर जो कुछ भी किया गया, वह शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि फेसबुक किसी के कंट्रोल में नहीं होता। इस पर जो भी टिप्पणियां की जाती हैं, वे पर्सनल एकाउंट पर होती हैं। वीरभद्र सिंह मानसून सत्र के समापन के बाद सोमवार को प्रदेश विधानसभा परिसर में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में भी तो लोगों की ओर से कई तरह की टिप्पणियां की जाती हैं, उन्होंने तो कभी भी इसका ऐतराज नहीं किया। सीएम ने कहा कि वह खुद फेसबुक का इस्तेमाल नहीं करते। जहां तक उनके मकान को किराये पर देने की बात है तो यह उनके मकान का आउट हाउस है। यह शुरू से ही इस स्थिति में रहा है। इस कंपनी को काम भाजपा ने ही दे दिया था।
वीरभद्र के लिए मैं सर्वव्यापक, हर जगह नजर आता हूं : धूमल
नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल ने कहा - मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के लिए मैं सर्वव्यापक हो गया हूं और हर जगह ही नजर आता हूं। मैं अब सीएम की बात का बुरा नहीं मानता। एक उम्र के बाद छोड़ देना चाहिए। मुख्य संसदीय सचिव शिक्षा नीरज भारती की ओर से किए प्रधानमंत्री और भाजपा नेताओं पर की गई फेसबुक टिप्पणी पर धूमल ने कहा कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई पर पार्टी विचार कर रही है।
मानसून सत्र के समापन के बाद विधानसभा परिसर में ही पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में प्रेमकुमार धूमल ने कहा कि सीएम खुद को पाक साफ बताते रहे हैं, पर सच्चाई सबको पता है। सागर कत्था मामले में निर्णय देने वाले ही बाद में प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के सदस्य बन जाते हैं। सीडी कांड मई 2007 में मनकोटिया की ओर से जारी की गई सीडी से शुरू हुआ।
24 दिसंबर को हुआ सीडी कांड का फैसला तो चमत्कार की तरह था। अपने मुंह से खुद को हर कोई अच्छा मानता है। सच्चाई यह नहीं है। धूमल ने जंगी-थोपन प्रोजेक्ट के आवंटन वर्ष 2006 के टेंडर पर ही करने की चर्चा पर भी सवाल खड़े किए। कहा कि यह कानूनी तौर पर सही नहीं है। जिस ठियोग-हाटकोटी सड़क की वजह से कांग्रेस ने चुनाव जीते, आज उसकी हालत सबके सामने है।
निजी मेडिकल कॉलेजों को एचपीयू देगा मान्यता
प्रदेश निजी चिकित्सा शैक्षणिक संस्था (प्रवेश का विनियमन और फीस का नियतन) अधिनियम 2006 में संशोधन को प्रदेश विधानसभा ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। सोमवार को प्रदेश विधानसभा में संशोधित अध्यादेश को पारित कर दिया गया। अब प्रदेश में चल रहे प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों को हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी (एचपीयू) से एफिलिएशन लेनी पड़ेगी।
एफिलिएशन लेने के बाद इन कॉलेजों पर एचपीयू के नियम ही लागू होंगे। प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की मनमानी को रोकने के लिए राज्य सरकार को अध्यादेश लाना पड़ा है। अध्यादेश के अनुसार राज्य में बेहतर चिकित्सा शिक्षा के लिए प्रदेश विश्वविद्यालय ही प्रदेश में स्थापित प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों को संबद्धता देने लिए अधिकृत किया गया है। एमसीआई मनोनयन भी राज्य सरकार की सहमति से होगा। निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश से लेकर फीस तय करने के लिए नियम तय होंगे।
करुणामूलक आधार पर 503 आश्रितों को नहीं मिली नौकरी
प्रदेश में 503 लोगों को करुणामूलक आधार पर नौकरी नहीं मिल पाई है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने लिखित उत्तर में कहा है कि सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग में सर्वाधिक 99 मामले जबकि शिक्षा विभाग में 89 आश्रितों को अभी नौकरी नहीं दी गई है।
लोक निर्माण विभाग में 69, होम 89, बागवानी में 09, कृषि 20, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में 05, रूरल डेवलपमेंट 08, वन विभाग में 57, पशुपालन विभाग में 12, लेखन एवं मुद्रण 01, राजस्व विभाग में 20, स्वास्थ्य विभाग में 13, इलेक्शन विभाग में 02, आबकारी एवं कराधान विभाग में 02, पंचायती राज में 01, फीशर्ज 01, अर्बन डेवलपमेंट विभाग में 2, सचिवालय प्रशासन में 02, आयुर्वेद में 01 और कोषागार में 01 मामला लंबित है। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी कसुम्पटी से कांग्रेस विधायक अनिरुद्ध सिंह के प्रश्न के उत्तर में दी।
पुलिस महकमे में 547 पद खाली
पुलिस महकमे में एएसपी, इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, एएसआई, हैड कांस्टेबल और कांस्टेबल के 547 पद खाली हैं। खाली पदों में शिमला जिले में सर्वाधिक 199 पद खाली हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यह जानकारी झंडूता के विधायक रिखी राम कौंडल के लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
उन्होंने कहा कि सोलन में 30, पुलिस जिला बद्दी में 20, सिरमौर में 36, किन्नौर में 24, बिलासपुर में 62, मंडी में 73, कुल्लू में 21, लाहौल स्पीति में 12, हमीरपुर में 14, कांगड़ा में 4, चंबा में 22, ऊना में 30 पद खाली हैं। प्रदेश में कांस्टेबल के 244, एएसआई के 120, हैड कांस्टेबल के 105, सब इंस्पेक्टर के 64, इंस्पेक्टर के 13 और एएसपी का एक पद खाली है।
इतने पद किए सृजित
प्रदेश में 13 पद एसपी, 12 पद एएसपी, 41 पद डीएसपी, इंस्पेक्टर के 98, सब इंस्पेक्टर के 294, एएसआई 750, हैड कांस्टेबल के 1504 और कांस्टेबल के 6625 पद सृजित हैं। कुल स्वीकृत पदों की संख्या 9,337 है।
चार महीने में 1170 शिक्षक पदोन्नत
प्रदेश सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में 31 जुलाई तक 1170 शिक्षकों को पदोन्नत किया है। इनमें 1024 टीजीटी से पीजीटी और 146 जेबीटी से टीजीटी बनाए गए हैं। सोमवार को चुराह के विधायक हंसराज, भोरंज के विधायक ईश्वर दास धीमान और डलहौजी की विधायक आशा कुमारी के सवालों का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यह जानकारी दी।
443 सवाल लगे, आठ विधेयक हुए पारित
मानसून सत्र में कुल सात बैठकें हुईं। इस सत्र में प्रश्नकाल में 443 सवालों के सरकार ने जवाब दिए। इनमें 317 तारांकित और 126 अतारांकित थे। सदन में आठ विधेयकों को भी पारित किया गया। इसमें नियम 62 के तहत दो विषयों पर चर्चा हुई। नियम 101 के तहत चार गैर सरकारी संकल्प प्रस्तुत किए गए।
राज्य सरकार ने खोले 21 नए कॉलेज
राज्य सरकार ने 21 नए कॉलेज खोले हैं। एक गैर सरकारी पंडित अनंतराम सनातन धर्म कॉलेज बड़ोह जिला कांगड़ा को सरकार ने अपनी अधीन लिया है। नए कॉलेजों में नगरोटा सूरियां, खुंड़ियां, तकीपुर, लंज, डाडासीबा, रिवालसर, लड़भडोल, निहरी, बलद्वाडा, संधोल, पनारसा, गुड़ागुशैणी, सराहां, भरली, ननखड़ी, कुमारसैन, चायल कोटी, जवाहर लाल नेहरू राजकीय फाइन आर्ट्स कॉलेज, धर्मपुर, दिग्गल और बरोटीवाला शामिल हैं। गगरेट के विधायक राकेश कालिया के सवाल पर मुख्यमंत्री ने यह जानकारी विधानसभा में दी।
आरकेएस तय करती है एंबुलेंस का किराया
शिमला। नादौन के विधायक विजय अग्निहोत्री के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ने लिखित जवाब में बताया कि प्रदेश में एंबुलेंस किराये की दरों में बढ़ोतरी करने का विचार रोगी कल्याण समिति की गवर्निंग बॉडी की सालाना बैठकों में किया जाता है। हर जिला की भूगोलिक स्थिति के अनुसार किराया तय होता है।