पड़ोसी राज्यों को उधार दी बिजली पर पहली बार ब्याज लेगा हिमाचल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पड़ोसी राज्यों हरियाणा, दिल्ली और उत्तरप्रदेश को गर्मियों में बैंकिंग पर दी गई बिजली हिमाचल सर्दियों में ब्याज सहित वापस लेगा। पहली मई से 30 सितंबर तक तीनों राज्यों को प्रदेश ने 1835 मिलियन यूनिट बिजली की सप्लाई उधार पर दी है।
अब सर्दियों में ये तीनों राज्य 2052 मिलियन यूनिट बिजली हिमाचल को लौटाएंगे। उधार पर दी गई बिजली पर ब्याज लेने की व्यवस्था पहली बार शुरू हुई है। इससे पहले जितनी बिजली दी जाती थी, उतनी ही वापस ली जाती थी।
सोमवार से पड़ोसी राज्यों को हिमाचल उधार पर बिजली सप्लाई देना बंद कर देगा। 8 अक्तूबर से हिमाचल को इन राज्यों से बिजली की सप्लाई शुरू होगी। गर्मी के मौसम में हिमाचल में बिजली उत्पादन बढ़ जाता है।
प्रदेश में गर्मियों के मौसम में बिजली की अधिक जरूरत भी नहीं होती। ऐसे में हिमाचल ने ओपन टेंडर के माध्यम से बिजली लेने वाले राज्यों को अप्रैल में चुना था। पहली मई से 30 सितंबर तक बिजली सप्लाई देने का करार हुआ है।
सोमवार को करार की अवधि समाप्त हो जाएगी। सर्दियों के मौसम में हिमाचल में बिजली उत्पादन घटना शुरू हो जाता है और प्रदेश में बिजली की मांग भी बढ़ जाती है। ऐसे में गर्मियों के दौरान पड़ोसी राज्यों को दी गई बिजली वापस ली जाएगी।
सर्दियों में बिजली सस्ती होने पर बदली व्यवस्था
राज्य कितनी बिजली दी (एमयू) कितनी बिजली मिलेगी (एमयू)
हरियाणा 498 550
उत्तरप्रदेश 140 146
दिल्ली 1196 1356
कुल 1834 2052
सर्दियों के दिनों में बिजली की मांग कम होने से रेट भी कम होते हैं। ऐसे में हिमाचल यदि दूसरे राज्यों से बिजली खरीदता है तो वह सस्ती पड़ेगी। गर्मियों के दिनों में बिजली की मांग ज्यादा होती है और रेट भी ज्यादा होते हैं। बिजली महंगी होने के बावजूद हिमाचल उधार पर बिजली देता है। अगर हिमाचल गर्मियों में बिजली बेचे तो अच्छे दाम मिल सकते हैं जिससे सरकार का राजस्व बढ़ जाएगा। ऐसे में बीच का रास्ता निकालते हुए उधार पर दी बिजली पर ब्याज लेने का फैसला लिया है।