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शिक्षा नीति लागू करने में अग्रणी राज्य बनेगा हिमाचल: दत्तात्रेय
Mon, 07 Sep 2020 05:48 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 07 Sep 2020 05:48 PM IST
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ राज्यपालों, उप-राज्यपालों और कुलपतियों की राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने भी विचार रखे। सोमवार को हुई बैठक में राष्ट्रपति ने अध्यक्षीय भाषण दिया। बैठक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बैठक में स्वागत भाषण दिया।
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दत्तात्रेय ने कहा कि हिमाचल ने यह संकल्प किया है कि इस नीति को लागू करने में प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाया जाएगा। इस नीति में सभी पक्षों पर ध्यान दिया गया है और यह एक पूर्ण भविष्योन्मुखी, गतिशील दस्तावेज है, जो देश को आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि इसकी अधिसूचना जारी होने के बाद से ही उन्होंने सभी संबंधित संस्थाओं, समूहों और विशेषज्ञों से चर्चा आरंभ की है।
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गत दिनों सभी कुलपतियों के साथ विचार-विमर्श किया गया और अध्यापकों, शिक्षाविदों, अभिभावकों, बच्चों, तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ भी इस पर विस्तृत चर्चा की है। उन्होंने कहा कि नीतिगत दस्तावेज को प्रदेश में लागू करने के लिए उन्होंने इस विषय में मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से भी विचार-विमर्श किया है। इसके लिए टास्क फोर्स का गठन करने का निर्णय लिया है। दत्तात्रेय ने कहा कि सभी विवि के कुलपतियों की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन करने के निर्देश दिए गए हैं।
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वे स्वयं समय-समय पर इसकी समीक्षा करते रहेंगे। कोरोना महामारी के कारण ऑनलाइन शिक्षा बढ़ी है लेकिन इसके लिए शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है। इस दिशा में काम होना चाहिए। दूरदराज के क्षेत्रों में दूरभाष और इंटरनेट की व्यवस्था बहुत अच्छी नहीं है, जिससे विद्यार्थियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।