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Himachal Weather Today: हिमाचल में बादल फटने-भूस्खलन से तबाही, 51 की मौत, कई लापता
Mon, 14 Aug 2023 07:51 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 14 Aug 2023 07:51 PM IST
सार
Himachal Cloudburst News: हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट के बीच पिछले कई घंटों से भारी बारिश से तबाही का दौर जारी है। सोलन जिले में बादल फटा है। सात लोगों की मौत हो गई है। जबकि मंडी में बादल फटने से कई लापता हैं। इसके अलावा पूरे प्रदेश में कई जगह भूस्खल हुआ है। इसकी वजह से सड़कें बंद हो गई हैं।
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हिमाचल में बारिश का कहर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में लगातार जारी भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। सावन के सोमवार को भारी बारिश के रेड अलर्ट के बीच राज्य में जगह-जगह बादल फटने और भूस्खलन से 51 लोगों की मौत गई। करीब 30 लोग मलबे में दबने और बहने से लापता हैं। मंडी जिले में 18, राजधानी शिमला में 14, सोलन में 11, कांगड़ा-हमीरपुर में 3-3, चंबा और सिरमौर में 1-1 लोगों की जान गई है। शिमला, सोलन, कांगड़ा में एक-एक और मंडी में दो जगह बादल फटे हैं। शिमला में 15, मंडी में 3, हमीरपुर में दो और सिरमौर में एक व्यक्ति लापता है। मंडी में छह लोग घायल हुए हैं। प्रदेश सरकार ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर होने वाले सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। केवल रस्मी तौर पर ही तिरंगा फहराया जाएगा। प्रदेश में रविवार रात को सामान्य से 357 फीसदी ज्यादा बारिश हुई। सूबे में आठ नेशनल हाईवे और 621 सड़कें बंद हो गईं हैं। मंडी के पराशर रोड पर 250 पर्यटक फंसे हैं। इन्हें सुरक्षित निकालना चुनौती बन गया है। शिमला में भी पर्यटक होटलों में ही कैद हैं।
राजधानी शिमला के समरहिल में भारी भूस्खलन के बाद आए मलबे और पेड़ गिरने से शिवबाड़ी मंदिर में माथा टेकने आए लोग दब गए। यहां अब तक नौ शव निकाले जा चुके हैं जबकि 15 से ज्यादा लोगों के दबे होने की सूचना है। लोग यहां बादल फटने की आशंका जता रहे हैं। शिमला के ही फागली में भूस्खलन की चपेट में एक मकान आ गया। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई है। तीन घायलों को रेस्क्यू किया गया है।
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सोलन के ममलीग के जड़ौण गांव में देर रात करीब 1:30 बजे बादल फटने से एक परिवार के सात लोगों और अर्की के चलोग गांव में देर रात भवन की दीवार गिरने से एक युवती और बच्चे की दबकर मौत हो गई है। लौहारघाट पंचायत के बानली गांव में एक मकान ढहने से पत्नी-पति मलबे में दब गए। इसमें पति को सुरक्षित निकाल लिया गया है जबकि पत्नी की मौत हो गई है। ममलीग के जड़ौण गांव में बादल फटने से एक परिवार के दो भवन चपेट में आए हैं।
इसमें कुल 13 लोग मौजूद थे। इसमें सात की मौत हो गई है जबकि 6 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। नालागढ़ के मलोण में मकान ढहने से दादी-पोता मलबे में दब गए। इसमें दादी की मौत हो गई। पोता और एक अन्य सदस्य घायल हैं। उधर, जिला मंडी में बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ के चलते 18 लोगों की जान चली गई है जबकि छह घायल हैं। तीन लोग लापता हो गए हैं। सरकाघाट के मसेरन में बादल फटने से एक महिला की मौत हो गई है।
धर्मपुर में भूस्खलन के चलते 2 मौतें हुई हैं। द्रंग क्षेत्र के सेगली में कुल 7 लोगों की दबने से मौत हो गई है और छह जख्मी हैं। मृतकों में तीन महिलाएं 3 बच्चे और एक व्यक्ति के शव भी बरामद कर लिए गए हैं। बल्ह क्षेत्र के टिक्कर गागल में 22 वर्षीय युवक अक्षत पुत्र मोहनलाल निवासी की मौत हुई है। मंडी सदर के स्कोर में एक महिला की भूस्खलन की चपेट में आने से मौत हुई है। सांबल पंडोह में बादल फटने से छह लोगों की मौत हुई है इनकी अभी तक पहचान नहीं हुई है जबकि एक लापता है। मंडी के मझवाड़ में भी दो लोग लापता हैं।
कांगड़ा जिले में फतेहपुर की ठेहड़ पंचायत की खड्ड में तेज बहाव में बहने से एक 11 वर्षीय बालक की मौत हो गई है। मैक्लोडगंज में ट्रांसफार्मर का फ्यूज बदलते समय एमईएस कैंट में कार्यरत आउटसोर्स विद्युत कर्मी की भी मौत हो गई है। रानीताल के निकट बाथू के पास जीप पर मलबा गिरने से ऊना अखबार लेकर जा रहे व्यक्ति की मौत हो गई है।
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राजधानी शिमला के समरहिल में भारी भूस्खलन के बाद आए मलबे और पेड़ गिरने से शिवबाड़ी मंदिर में माथा टेकने आए लोग दब गए। यहां अब तक नौ शव निकाले जा चुके हैं जबकि 15 से ज्यादा लोगों के दबे होने की सूचना है। लोग यहां बादल फटने की आशंका जता रहे हैं। शिमला के ही फागली में भूस्खलन की चपेट में एक मकान आ गया। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई है। तीन घायलों को रेस्क्यू किया गया है।
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सोलन के ममलीग के जड़ौण गांव में देर रात करीब 1:30 बजे बादल फटने से एक परिवार के सात लोगों और अर्की के चलोग गांव में देर रात भवन की दीवार गिरने से एक युवती और बच्चे की दबकर मौत हो गई है। लौहारघाट पंचायत के बानली गांव में एक मकान ढहने से पत्नी-पति मलबे में दब गए। इसमें पति को सुरक्षित निकाल लिया गया है जबकि पत्नी की मौत हो गई है। ममलीग के जड़ौण गांव में बादल फटने से एक परिवार के दो भवन चपेट में आए हैं।
इसमें कुल 13 लोग मौजूद थे। इसमें सात की मौत हो गई है जबकि 6 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। नालागढ़ के मलोण में मकान ढहने से दादी-पोता मलबे में दब गए। इसमें दादी की मौत हो गई। पोता और एक अन्य सदस्य घायल हैं। उधर, जिला मंडी में बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ के चलते 18 लोगों की जान चली गई है जबकि छह घायल हैं। तीन लोग लापता हो गए हैं। सरकाघाट के मसेरन में बादल फटने से एक महिला की मौत हो गई है।
धर्मपुर में भूस्खलन के चलते 2 मौतें हुई हैं। द्रंग क्षेत्र के सेगली में कुल 7 लोगों की दबने से मौत हो गई है और छह जख्मी हैं। मृतकों में तीन महिलाएं 3 बच्चे और एक व्यक्ति के शव भी बरामद कर लिए गए हैं। बल्ह क्षेत्र के टिक्कर गागल में 22 वर्षीय युवक अक्षत पुत्र मोहनलाल निवासी की मौत हुई है। मंडी सदर के स्कोर में एक महिला की भूस्खलन की चपेट में आने से मौत हुई है। सांबल पंडोह में बादल फटने से छह लोगों की मौत हुई है इनकी अभी तक पहचान नहीं हुई है जबकि एक लापता है। मंडी के मझवाड़ में भी दो लोग लापता हैं।
कांगड़ा जिले में फतेहपुर की ठेहड़ पंचायत की खड्ड में तेज बहाव में बहने से एक 11 वर्षीय बालक की मौत हो गई है। मैक्लोडगंज में ट्रांसफार्मर का फ्यूज बदलते समय एमईएस कैंट में कार्यरत आउटसोर्स विद्युत कर्मी की भी मौत हो गई है। रानीताल के निकट बाथू के पास जीप पर मलबा गिरने से ऊना अखबार लेकर जा रहे व्यक्ति की मौत हो गई है।
हमीरपुर के बड़सर विधानसभा क्षेत्र के ब्याड़ के पास एक कार पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गई। गाड़ी में सवार तीन लोगों में से दो को पुलिस टीम ने सुरक्षित बचाया। ड्राइवर तेज बहाव में बह गया। सुजानपुर के निकट जलशक्ति विभाग के पंप हाउस के पास हुए भूस्खलन में एक नेपाली महिला की और भगेटू में एक वृद्ध की मौत हुई है।
गत दिवस लझयााणी में एक महिला की मौत हो गई थी। 24 घंटे के अंदर तीन मौतें हो गई हैं। नादौन उपमंडल के गांव रैल में एक महिला और बड़सर उपमंडल की ब्याड़ खड्ड में एक व्यक्ति बह गया है। जिला चंबा के भटियात की रायपुर पंचायत में एक व्यक्ति की मलबे में दबने से मौत हो गई है।
कार ड्राइवर बहा
ग्राम पंचायत खरगट और टिकरी पंचायतों के मध्य में स्थित खखरून गांव में गोशाला में बंधी गाय और सड़क के साथ खड़ी की बोलेरो गाड़ी बह गई है। इसके अलावा पंचायत में पिकअप वाहन, स्कूटी, बाइक मलबे में दब गए हैं।
नाहन की विक्रमबाग पंचायत में घर में मलबे में दबने से 14 वर्षीय इमरान की मौत हो गई जबकि दो भाई घायल हैं। सलानीकटौला पंचायत में 47 वर्षीय महिला भूस्खलन की चपेट में आने से मलबे में दब गई है। आनी में पोखरी पंचायत के रगेली गांव में दो मकान भूस्खलन की चपेट में आए हैं। यहां एक परिवार के तीन लोग मलबे में दब गए हैं।
कांगड़ा के थुरल के साथ लगती पंचायत बलोह में बादल फटने से चौधरी बस्ती में एक मकान गिर गया और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मकान में रह रहे परिवार के चार सदस्यों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाल कर थुरल के विश्राम गृह में ठहराया गया है। बादल फटने से पहाड़ी का मलबा पालमपुर-सुजानपुर राजमार्ग पर आ गया है जिससे आने जाने वाले राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।