Weather: 15 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप, 16 बिजली ट्रांसफार्मर बंद
चंबा जिला में बारिश से भरमौर-पठानकोट नेशनल हाईवे बुधवार सुबह करीब एक घंटा बंद रहा। जिला कुल्लू में ब्यास, चंद्रभागा सहित सभी नदी-नालों का जलस्तर उफान पर है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में बुधवार को जारी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट बेअसर रहा। बुधवार को नाहन, ऊना, सोलन और शिमला में ही कुछ देर बारिश हुई। अन्य क्षेत्रों में धूप खिलने के साथ हल्के बादल छाए रहे। प्रदेश में 15 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही अभी ठप है। 16 बिजली ट्रांसफार्मर और पांच पेयजल योजनाएं भी बंद हैं। सूबे में सात कच्चे, दो पक्के मकान, चार दुकानें और 11 गोशालाएं बारिश से क्षतिग्रस्त हुई हैं।
वीरवार को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश और अंधड़ का येलो अलर्ट जारी हुआ है। चंबा जिला में बारिश से भरमौर-पठानकोट नेशनल हाईवे बुधवार सुबह करीब एक घंटा बंद रहा। जिला कुल्लू में ब्यास, चंद्रभागा सहित सभी नदी-नालों का जलस्तर उफान पर है। मनाली-लेह मार्ग स्थित अटल टनल रोहतांग के साउथ पोर्टल के पास भी पहाड़ी से चट्टान गिरने से यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। बिलासपुर में मंगलवार रात 1:30 बजे से बुधवार सुबह करीब 9:00 बजे तक मूसलाधार बारिश हुई।
झंडूता विधानसभा क्षेत्र के ऋषिकेश में फोरलेन निर्माण के कारण भूस्खलन होने से आसपास के दर्जनों घरों को खतरा पैदा हो गया है। बुधवार को नाहन में 38, ऊना में 12, सोलन में 11, शिमला में 7 और मंडी-बिलासपुर में 5-5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। उधर, मंगलवार रात को नगरोटा सूरियां में 130, नादौन में 74, नाहन में 69, मंडी में 48, बंगाणा में 45, सरकाघाट में 36, मनाली-ऊना में 30 और नूरपुर-गगल में 25 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। उधर, मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में अभी तक 37,493 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है।
तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
क्षेत्र अधिकतम न्यूनतम
ऊना 30.6 21.3
बिलासपुर 30.0 25.5
चंबा 29.6 21.8
हमीरपुर 29.3 21.9
कांगड़ा 28.4 21.4
धर्मशाला 26.2 21.0
नाहन 26.0 25.2
शिमला 24.6 17.6
कल्पा 22.9 15.8
केलांग 22.6 13.1
चट्टानें गिरने से मकान, दुकान क्षतिग्रस्त
कुल्लू जिले के बंजार उपमंडल के वार्ड एक में पहाड़ी से चट्टानें गिरने से मकान और दुकान क्षतिग्रस्त हो गई है। सेब के 150 पेड़ भी भूस्खलन और चट्टानों की चपेट में आए हैं। इससे लाखों का नुकसान हुआ है। घटना के दौरान परिवार का कोई सदस्य घर पर मौजूद नहीं था, जबकि अभी भी पहाड़ी से चट्टानें गिरने का खतरा बरकरार है।
बंजार में मंगलवार शाम को भारी बारिश के बीच पहाड़ी से अचानक भूस्खलन हुआ और चट्टानें गिर गईं। इस कारण दौलत राम का मकान और घनश्याम की दुकान क्षतिग्रस्त हो गई।अमर सिंह और नेत्र सिंह के सेब के लगभग 150 पेड़ भूस्खलन और चट्टानें की जद में आए।
आसपास के लोगों ने घरों से बाहर निकलकर जान बचाई। हालांकि, घटना में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन खतरा अभी बना हुआ है। इसकी सूचना ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और नगर पंचायत को दी। इस पर विभाग की टीम ने आकलन कर नुकसान की रिपोर्ट तैयार की है।
बता दें कि इस पहाड़ी से पहले भी कई बार भूस्खलन होकर चट्टानें गिर चुकी हैं। इस कारण यहां खतरा बना हुआ है, जबकि साथ में एनएच-305 पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए भी सफर जोखिम भरा हो गया है। बंजार वार्ड एक के मनोनीत पार्षद नेत्र सिंह ने बताया कि चट्टानें गिरने से उनका भी नुकसान हुआ है। अब लोग डर के साये में रात गुजारने को मजबूर हो गए हैं।
नगर पंचायत की अध्यक्ष आशा शर्मा ने बताया कि नुकसान का आकलन करने के लिए नगर पंचायत की टीम को भेजा गया था। इसमें मकान, दुकान व फलदार पेड़ों को नुकसान हुआ है। - आशा शर्मा, अध्यक्ष, नगर पंचायत, बंजार
बंजार की पहाड़ी से भूस्खलन के बीच चट्टानें गिरने की सूचना मिली है। टीम को मौके पर भेजा है। पहाड़ी से भूस्खलन रोकने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं। - पीसी आजाद, उपमंडलाधिकारी, बंजार