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Himachal Weather: भारी बारिश-भूस्खलन से तबाही जारी, राज्य में 366 सड़कें बाधित, खड्ड में बहने से दो की माैत

Wed, 20 Aug 2025 10:32 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 20 Aug 2025 10:32 AM IST
सार

भारी बारिश-भूस्खलन से तबाही जारी है। जगह-जगह भूस्खलन से राज्य में तीन नेशनल हाईवे सहित 366 सड़कें बंद हैँ।

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Himachal Weather today: Heavy rain, landslides continue to cause havoc, schools closed in these subdivisions
कुल्लू और ऊना में बारिश से हुई तबाही। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश-भूस्खलन से तबाही जारी है। राज्य के कई क्षेत्रों में रात से मूसलाधार बारिश हो रही है। जगह-जगह भूस्खलन से राज्य में सैकड़ों सड़कें बंद हैं। भारी बारिश से कुल्लू के पीज गांव के नाले में अचानक जलस्तर बढ़ गया। इससे जिला मुख्यालय के साथ लगते शास्त्रीनगर नाले में बाढ़ आ गई। बड़ी मात्रा में मलबा और पानी संपर्क सड़क से मुख्य मार्ग पर आ गया। साथ लगती दुकानों में भी मलबा और पानी घुस गया। कई वाहन मलबे में फंस गए। नाले का जलस्तर बढ़ता देख आसपास रहने वाले लोग घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। प्रशासन ने मनाली और बंजार उपमंडल के सभी शिक्षण संस्थानों में आज अवकाश घोषित किया है। राज्य में बुधवार रात 9:00 तक आनी-कुल्लू एनएच सहित 366 सड़कें बंद रहीं। 929 बिजली ट्रांसफार्मर व 139 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। मंडी व कुल्लू जिले में सबसे अधिक सड़कें ठप हैं। वहीं धर्मशाला के समीप सुधेड़ नाले में साधु की डूबने से मौत हो गई।  कुनिहार ज्यालंग गांव के पास उफनती गंबर खड्ड  को पार करते हुए एक व्यक्ति बह गया।

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ऊना जिले में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, अंब और गगरेट उपमंडल में स्कूल बंद
ऊना जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बुधवार सुबह से हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई जगह सड़कों पर जलभराव हुआ है। बंगाणा में भारी बारिश में पेपर देने पहुंचे विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिला दंडाधिकारी जतिन लाल ने आदेश जारी करते हुए बताया कि अंब और गगरेट उपमंडल के सभी सरकारी व निजी स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर और आंगनबाड़ी केंद्र 20 अगस्त को बंद रखे गए हैं।  यह निर्णय क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। वहीं उपमंडल अंब के तहत राजकीय माध्यमिक पाठशाला टकारला में बारिश का पानी घुस गया। स्कूल के सभी कमरों में लगभग दो फीट तक पानी भर गया। स्कूल का कुछ रिकॉर्ड भी खराब हुआ है। 

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इतने दिन बरसेंगे बादल, कई भागों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला ने राज्य के कई भागों में 26 अगस्त तक बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। 20, 22 व 23 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट है जबकि 24 से 26 अगस्त के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बीती रात भरवाईं में 68.0, देहरा गोपीपुर 63.4, पालमपुर 60.4, सोलन 56.0, गुलेर 55.8, बिलासपुर 50.8, जुब्बड़हट्टी 47.2, श्रीनयना देवी 46.6, नादौन 40.0, जोगिंद्रनगर 38.0, नगरोटा सूरियां 37.4 व सुजानपुर टिहरा में 36.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

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मानसून में अब तक 3,055 घरों-दुकानों को नुकसान, 276 लोगों की गई जान
 प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 20 अगस्त तक 276 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 336 लोग घायल हुए हैं। 37 लोग अभी भी लापता हैं। इस दाैरान 133 लोगों की सड़क हादसों में माैत हुई है। बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 3,055 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 2,416 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,797 पालतु पशुओं की माैत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा  2,17,354.38 लाख रुपये पहुंच गया है।
 

मूसलाधार बारिश से स्वां नदी उफान पर, किनारे बसे गांवों के लोगों में दहशत
जिला ऊना में मूसलाधार बारिश के कारण स्वां नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों में दहशत का माहौल बन गया। कई स्थानों पर नदी का पानी खेतों और रास्तों में घुस गया, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। लोगों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ रही है, वहीं किसानों की फसलें भी पानी में डूबने लगी हैं। स्वां नदी के तेज बहाव ने निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं, जिससे स्थानीय लोग दहशत में हैं। वहीं सोलन-राजगढ़ सड़क पर जटोली के समीप पुलिया बंद हो गई। इसके बाद सारा पानी सड़क पर बह कर घरों की ओर चला गया। पानी के साथ मलबा भी सड़क पर आने से वाहन चालकों को दिक्कतें आईं।

बादल फटने के बाद लगघाटी के कड़ौन गांव में बढ़ीं मुश्किलें
कुल्लू जिला की लगघाटी के ग्रामीणों की समस्या कम नहीं हो रही है। बादल फटने के कारण ग्राम पंचायत चोपाड़सा के कड़ौन गांव में दूसरे दिन भी भूस्खलन हो रहा है। गांव में बुधवार को भूस्खलन जारी रहने के कारण ग्रामीणों की उपजाऊ भूमि का कटाव जारी है। वहीं  मंगलवार की रात लगातार जारी रही बारिश से दड़का, सुम्मा और रोपड़ी आदि क्षेत्रों में भूस्खलन हो रहा है। लगघाटी में सरवरी खड्ड के किनारे बसे इलाकों को भी जलस्तर बढ़ने से खतरा बना हुआ है। ग्रामीण डर के साय में रात काटने को मजबूर हैं।

उफनती गंबर खड्ड को पार करते हुए बहा कांडी गांव का व्यक्ति
 विकास खंड कुनिहार की मान पंचायत के कांडी गांव का 40 वर्षीय व्यक्ति ज्यालंग गांव के पास उफनती गंबर खड्ड  को पार करते हुए पानी के तेज बहाव में बह गया । पंचायत प्रधान सुरेंद्र कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10:00 बजे कांडी गांव का फौजी नामक युवक ज्यालंग गांव के पास गंबर खड्ड को पार करते हुए बह गया। ग्रामीणों ने व्यक्ति को काफी दूर तक खड्ड के किनारे ढूंढते रहे लेकिन अभी तक पता नहीं चल पाया है। प्रधान ने बताया कि इसकी सूचना पुलिस को दी गई। उन्होंने बताया कि युवक की तलाश की जा रही है।

धर्मशाला के समीप सुधेड़ नाले में साधु की डूबने से मौत
 धर्मशाला में बीती रात से हो रही बारिश के चलते रोपवे के पिलर संख्या पांच के नीचे भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन के कारण मार्ग बंद हो गया है और पूर्व केंद्रीय मंत्री चंद्रेश कुमारी के घर में भी मलबा घुस गया है। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने धर्मशाला रोपवे परियोजना के समीप भूस्खलन की घटना के मद्देनजर यात्रियों की सुरक्षा एवं संभावित जोखिम को देखते हुए रोपवे की सभी गतिविधियों को अस्थायी रूप से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। 
इसके साथ ही कोतवाली से मैक्लोडगंज को खड़ा डंडा से जाने वाला मार्ग जोगीवाड़ा के पास ध्वस्त हो गया है। विभाग ने इस मार्ग को पहले हुए भूस्खलन के बाद बंद कर दिया था। इसके बावजूद भी छोटे वाहन इस मार्ग से गुजर रहे थे। लेकिन अब मैकलोडगंज  को जाना वाला यह मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। वहीं धर्मशाला के समीप सुधेड़ नाले में साधु की डूबने से मौत हो गई। 

 खडिहार पंचायत में भूस्खलन से दो मंजिला मकान ढहा, कई खतरे में
 लगातार हो रही भारी बारिश ने खडिहार पंचायत के वार्ड नंबर तीन मोल गांव में तबाही मचाई है। भूस्खलन के कारण गांव के निवासी विनय कुमार का दो मंजिला पक्का मकान पूरी तरह से ढह गया है जिससे परिवार बेघर हो गया है। पुराने मकान को भी खतरा पैदा हो गया है। भूस्खलन से गांव के कई अन्य परिवारों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। गांव के सुरेश कुमार, टेकचंद, राजकुमार, हेम सिंह, गंगाराम और नेक राम के मकानों और गोशालाओं पर खतरा मंडरा रहा है।  खडिहार पंचायत के प्रधान मनोहर लाल ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को तुरंत सूचित कर दिया है। उन्होंने प्रभावित परिवार के लिए तत्काल सहायता की मांग की है। मकरीडी के नायब तहसीलदार विनय ने बताया कि मौके में जाकर जायजा लिया जा रहा है और नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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