हिमाचल माैसम: 11 फीसदी कम बारिश के साथ विदा हुआ मानसून, प्रदेश में लगातार चार दिन बरसेंगे बादल
इस बार मानसून 30 जून को हिमाचल पहुंचा था और 1 जुलाई तक इसने पूरे प्रदेश को कवर किया। इस बार मानसून सामान्य तारीख से सात दिन देरी से पहुंचा था। वहीं मानसून की विदाई के साथ ही प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से माैसम करवट बदलने वाला है।
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दक्षिण-पश्चिम मानसून शनिवार को पूरे हिमाचल प्रदेश से वापस चला गया है। हालांकि मानसून की सामान्य वापसी की तारीख 25 सितंबर थी। इस बार मानसून 30 जून को हिमाचल पहुंचा था और 1 जुलाई तक इसने पूरे प्रदेश को कवर किया। इस बार मानसून सामान्य तारीख से सात दिन देरी से पहुंचा था। राज्य में इस मानसून के मौसम (जून से सितंबर) में बारिश सामान्य रही। मानसून में 652.3 मिलीमीटर वास्तविक बारिश हुई, जबकि इस अवधि के लिए सामान्य बारिश 734.4 मिलीमीटर तय थी। इस तरह मानसून में सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश हुई। किन्नौर, ऊना, बिलासपुर, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिले में सामान्य बारिश हुई। हमीरपुर जिले में कम और लाहौल-स्पीति जिले में बहुत कम बारिश दर्ज की गई।
पिछले 125 वर्षों में 41वीं सबसे कम बारिश
इस साल मानसून में 652.3 मिलीमीटर बारिश हुई, जो पिछले 125 वर्षों में 41वीं सबसे कम बारिश है। हालांकि, 1901 से 2026 की अवधि में सबसे ज्यादा बारिश (1314.6 मिलीमीटर) 1922 में दर्ज की गई थी। पिछले 29 वर्षों में मानसून की सबसे जल्दी शुरुआत 9 जून 2000 को हुई थी और सबसे देर से शुरुआत 5 जुलाई 2010 को हुई थी। वर्ष 2025 में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 20 जून को प्रदेश में प्रवेश किया और 24 जून तक पूरे राज्य को कवर किया जोकि सामान्य आगमन तिथि यानी 25 जून से एक दिन पहले रही। मानसून 29 सितंबर को विदा हुआ था।
मानसून में 366 लोगों की गई जान, 144 मकान हुए तबाह, 3412.80 करोड़ का नुकसान
राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस बरसात में बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में अब तक 366 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 614 लोग घायल हुए हैं। चार लोग लापता हैं। आपदा में 579 मवेशियों की भी जान गई है। बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं से 43 पक्के और 101 कच्चे मकान पूरी तरह नष्ट हुए हैं। वहीं, 161 पक्के और 365 कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। जिलावार आंकड़ों में शिमला में सबसे अधिक 23 मौतें दर्ज हुई हैं। इसके बाद चंबा में 22, कांगड़ा में 19, मंडी और लाहौल-स्पीति में 18-18 तथा सिरमौर में 16 लोगों की मौत हुई है। हालांकि, वर्ष 2023 और 2025 के मानसून सीजन की तुलना में इस वर्ष सार्वजनिक और निजी बुनियादी ढांचे को अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचा है। इसके बावजूद जानमाल के नुकसान और मकानों के क्षतिग्रस्त होने के कारण राज्य को राहत और पुनर्वास के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता की जरूरत है। प्रदेश के 12 जिलों में बादल फटने, अचानक बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान का आकलन 3412.80 करोड़ रुपये किया गया है। सबसे अधिक 2531.84 करोड़ रुपये का नुकसान सड़क और पुलों को हुआ है। करीब 6215 किलोमीटर सड़कें प्रभावित हुईं। जल शक्ति क्षेत्र में 385 करोड़ रुपये का नुकसान और 4784 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
मानसून सीजन की वास्तविक वर्षा और अंतर की तुलना (2015–2026)
| वर्ष | वास्तविक वर्षा (मिमी) | प्रतिशत अंतर |
|---|---|---|
| 2015 | 638.2 | -16 |
| 2016 | 623.9 | -18 |
| 2017 | 717.2 | -6 |
| 2018 | 927.0 | +21 |
| 2019 | 686.9 | -10 |
| 2020 | 567.4 | -26 |
| 2021 | 688.6 | -10 |
| 2022 | 716.2 | -2 |
| 2023 | 886.0 | +21 |
| 2024 | 600.8 | -18 |
| 2025 | 1022.5 | +39 |
| 2026 | 652.3 | -11 |
राज्य में लगातार चार दिन बरसेंगे बादल
उधर, मानसून की वापसी के साथ ही प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से माैसम करवट बदलने वाला है। प्रदेश में लगातार चार दिन बारिश-बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कुछ हिस्सों में 5 अक्तूबर को हल्की बारिश-बर्फबारी की संभावना है। जबकि 6 से 9 अक्तूबर तक कई भागों में हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी होने के आसार हैं। वहीं 6 व 7 अक्तूबर को ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, शिमला, सिरमौर, सोलन जिले में कुछ जगहों पर बिजली चमकने और 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है।
मानसून के हिमाचल में आगमन और वापसी की तिथियां(1997-2026)
| वर्ष | आगमन (Onset) | वापसी (Withdrawal) |
|---|---|---|
| 1997 | 27 जून | 23 सितंबर |
| 1998 | 17 जून | 28 सितंबर |
| 1999 | 20 जून | 21 सितंबर |
| 2000 | 09 जून | 23 सितंबर |
| 2001 | 23 जून | 18 सितंबर |
| 2002 | 04 जुलाई | 20 सितंबर |
| 2003 | 27 जून | 27 सितंबर |
| 2004 | 18 जून | 27 सितंबर |
| 2005 | 26 जून | 28 सितंबर |
| 2006 | 30 जून | 27 सितंबर |
| 2007 | 26 जून | 02 अक्टूबर |
| 2008 | 13 जून | 29 सितंबर |
| 2009 | 30 जून | 28 सितंबर |
| 2010 | 5 जुलाई | 28 सितंबर |
| 2011 | 25 जून | 26 सितंबर |
| 2012 | 27 जून | 26 सितंबर |
| 2013 | 15 जून | 19 सितंबर |
| 2014 | 1 जुलाई | 5 अक्तूबर |
| 2015 | 24 जून | 29 सितंबर |
| 2016 | 21 जून | 5 अक्तूबर |
| 2017 | 01 जुलाई | 30 सितंबर |
| 2018 | 27 जून | 1 अक्टूबर |
| 2019 | 02 जुलाई | 11 अक्तूबर |
| 2020 | 24 जून | 30 सितंबर |
| 2021 | 13 जून | 10 अक्तूबर |
| 2022 | 29 जून | 3 अक्तूबर |
| 2023 | 24 जून | 6 अक्तूबर |
| 2024 | 27 जून | 2 अक्तूबर |
| 2025 | 20 जून | 26 सितंबर |