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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Weather: Rainfall forecast for four consecutive days; Monsoon departs with 11 percent less rainfall

हिमाचल माैसम: 11 फीसदी कम बारिश के साथ विदा हुआ मानसून, प्रदेश में लगातार चार दिन बरसेंगे बादल

Sat, 03 Oct 2026 02:18 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 03 Oct 2026 02:18 PM IST
सार

इस बार मानसून 30 जून को हिमाचल पहुंचा था और 1 जुलाई तक इसने पूरे प्रदेश को कवर किया। इस बार मानसून सामान्य तारीख से सात दिन देरी से पहुंचा था। वहीं मानसून की विदाई के साथ ही प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से माैसम करवट बदलने वाला है।

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Himachal Weather: Rainfall forecast for four consecutive days; Monsoon departs with 11 percent less rainfall
हिमाचल से मानसून विदा, अब सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार
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दक्षिण-पश्चिम मानसून शनिवार को पूरे हिमाचल प्रदेश से वापस चला गया है। हालांकि मानसून की सामान्य वापसी की तारीख 25 सितंबर थी।  इस बार मानसून 30 जून को हिमाचल पहुंचा था और 1 जुलाई तक इसने पूरे प्रदेश को कवर किया। इस बार मानसून सामान्य तारीख से सात दिन देरी से पहुंचा था। राज्य में इस मानसून के मौसम (जून से सितंबर) में बारिश सामान्य रही। मानसून में 652.3 मिलीमीटर वास्तविक बारिश हुई, जबकि इस अवधि के लिए सामान्य बारिश 734.4 मिलीमीटर तय थी। इस तरह मानसून में सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश हुई।  किन्नौर, ऊना, बिलासपुर, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिले में सामान्य बारिश हुई। हमीरपुर जिले में कम और लाहौल-स्पीति जिले में बहुत कम बारिश दर्ज की गई।

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पिछले 125 वर्षों में 41वीं सबसे कम बारिश
 इस साल मानसून में 652.3 मिलीमीटर बारिश हुई, जो पिछले 125 वर्षों में 41वीं सबसे कम बारिश है। हालांकि, 1901 से 2026 की अवधि में सबसे ज्यादा बारिश (1314.6 मिलीमीटर) 1922 में दर्ज की गई थी। पिछले 29 वर्षों में मानसून की सबसे जल्दी शुरुआत 9 जून 2000 को हुई थी और सबसे देर से शुरुआत 5 जुलाई 2010 को हुई थी। वर्ष 2025 में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 20 जून को प्रदेश में प्रवेश किया और 24 जून तक पूरे राज्य को कवर किया जोकि सामान्य आगमन तिथि यानी 25 जून से एक दिन पहले रही। मानसून 29 सितंबर को विदा हुआ था। 

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मानसून में 366 लोगों की गई जान, 144 मकान हुए तबाह,  3412.80 करोड़ का नुकसान
राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस बरसात में बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में अब तक 366 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 614 लोग घायल हुए हैं। चार लोग लापता हैं। आपदा में 579 मवेशियों की भी जान गई है। बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं से 43 पक्के और 101 कच्चे मकान पूरी तरह नष्ट हुए हैं। वहीं, 161 पक्के और 365 कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। जिलावार आंकड़ों में शिमला में सबसे अधिक 23 मौतें दर्ज हुई हैं। इसके बाद चंबा में 22, कांगड़ा में 19, मंडी और लाहौल-स्पीति में 18-18 तथा सिरमौर में 16 लोगों की मौत हुई है। हालांकि, वर्ष 2023 और 2025 के मानसून सीजन की तुलना में इस वर्ष सार्वजनिक और निजी बुनियादी ढांचे को अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचा है। इसके बावजूद जानमाल के नुकसान और मकानों के क्षतिग्रस्त होने के कारण राज्य को राहत और पुनर्वास के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता की जरूरत है। प्रदेश के 12 जिलों में बादल फटने, अचानक बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान का आकलन 3412.80 करोड़ रुपये किया गया है। सबसे अधिक 2531.84 करोड़ रुपये का नुकसान सड़क और पुलों को हुआ है। करीब 6215 किलोमीटर सड़कें प्रभावित हुईं। जल शक्ति क्षेत्र में 385 करोड़ रुपये का नुकसान और 4784 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।

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मानसून सीजन की वास्तविक वर्षा और अंतर की तुलना (2015–2026)

वर्ष वास्तविक वर्षा (मिमी) प्रतिशत अंतर
2015 638.2 -16
2016 623.9 -18
2017 717.2 -6
2018 927.0 +21
2019 686.9 -10
2020 567.4 -26
2021 688.6 -10
2022 716.2 -2
2023 886.0 +21
2024 600.8 -18
2025 1022.5 +39
2026 652.3 -11

राज्य में लगातार चार दिन बरसेंगे बादल
 उधर, मानसून की वापसी के साथ ही प्रदेश में  पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से माैसम करवट बदलने वाला है। प्रदेश में लगातार चार दिन बारिश-बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कुछ हिस्सों में 5 अक्तूबर को हल्की बारिश-बर्फबारी की संभावना है। जबकि 6 से 9 अक्तूबर तक कई भागों में हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी होने के आसार हैं। वहीं 6 व 7 अक्तूबर को ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, शिमला, सिरमौर, सोलन जिले में कुछ जगहों पर बिजली चमकने और 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है। 

मानसून के हिमाचल में आगमन और वापसी की तिथियां(1997-2026)

वर्ष आगमन (Onset) वापसी (Withdrawal)
1997 27 जून  23 सितंबर 
1998 17 जून  28 सितंबर 
1999 20 जून 21 सितंबर 
2000 09 जून  23 सितंबर
2001 23 जून  18 सितंबर 
2002 04 जुलाई  20 सितंबर 
2003 27 जून  27 सितंबर 
2004 18 जून  27 सितंबर
2005 26 जून 28 सितंबर
2006 30 जून 27 सितंबर 
2007 26 जून 02 अक्टूबर
2008 13 जून 29 सितंबर
2009 30 जून  28 सितंबर
2010 5 जुलाई  28 सितंबर 
2011 25 जून  26 सितंबर 
2012 27 जून 26 सितंबर 
2013 15 जून  19 सितंबर 
2014 1 जुलाई 5 अक्तूबर 
2015 24 जून 29 सितंबर
2016 21 जून 5 अक्तूबर 
2017 01 जुलाई 30 सितंबर 
2018 27 जून  1 अक्टूबर 
2019 02 जुलाई 11 अक्तूबर 
2020 24 जून  30 सितंबर 
2021 13 जून  10 अक्तूबर 
2022 29 जून 3 अक्तूबर 
2023 24 जून 6 अक्तूबर 
2024 27 जून  2 अक्तूबर 
2025 20 जून  26 सितंबर 
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