Himachal Weather: शिमला में झमाझम बरसे बादल, मानसून में 2466 घर ढहे, जानें 3 सितंबर तक का मौसम पूर्वानुमान
इस मानसून सीजन में 24 जून से 28 अगस्त तक 381 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इनमें से 129 की सड़कों हादसों में मौत हो गई। कुल 360 घायल हुए हैं।
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सोमवार सुबह करीब 11:00 बजे बादल झमाझम बरसे। करीब 15 मिनट शहर में जोरदार बारिश हुई। दिन के समय मौसम साफ रहा। प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम साफ रहने के साथ धूप खिली। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 3 सितंबर तक प्रदेश में मानसून के कमजोर बना रहने की संभावना जताई है। इस दौरान अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने के आसार हैं। कुछ भागों में बारिश हो सकती है। सोमवार को ऊना में अधिकतम तापमान 33.0, चंबा में 32.4, बिलासपुर में 30.7, कांगड़ा में 29.5, सोलन में 28.5, नाहन में 28.8, भुंतर-सुंदरनगर में 28.6, मंडी में 27.1, धर्मशाला में 27.0, मनाली में 23.2, कल्पा में 22.0 और शिमला में 21.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
इस मानसून सीजन में अब तक 381 लोगों की जान गई
इस मानसून सीजन में 24 जून से 28 अगस्त तक 381 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इनमें से 129 की सड़कों हादसों में मौत हो गई। कुल 360 घायल हुए हैं। राज्य में 2466 घर ढह हो गए हैं। 10648 को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अतिरिक्त 312 दुकानों व 5517 गोशालाओं को भी नुकसान हुआ है। मानसून सीजन के दौरान अब तक 8642.83 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। अब तक राज्य में भूस्खलन की 161 और अचानक बाढ़ की 72 घटनाएं सामने आई हैं।
निगम के 1,053 रूट अभी भी प्रभावित, 121 बसें फंसीं
आपदा के बाद एचआरटीसी के 1,053 रूटों पर अभी भी बस सेवा बहाल नहीं हो पाई है। निगम की 121 बसें विभिन्न रूटों पर फंसी हुई हैं। कुल्लू डिपो के सबसे अधिक 165, रामपुर के 104, मंडी के 96 और सरकाघाट के 93 रूट प्रभावित हैं। एचआरटीसी के तारादेवी डिपो के 74 रूटों पर भर अब तक बस सेवा ठप है।
भूस्खलन के बाद सड़कें बंद होने से विभिन्न रूटों पर निगम की बसें फंसी हुई हैं। मंडी में सबसे अधिक 23 बसें, सरकाघाट में 20, कुल्लू और रामपुर में 13-13 जबकि धर्मपुर डिपो की 10 बसें रूटों पर फंसी हैं। बसें संचालित न होने और यात्रियों की संख्या कम होने से निगम को रोजाना लाखों का नुकसान हो रहा है।