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फर्जी डिग्री मामले की जांच के लिए सरकार ने गठित की 19 सदस्यीय एसआईटी
Fri, 11 Sep 2020 06:08 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 11 Sep 2020 06:08 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
मानव भारती विश्वविद्यालय सोलन के फर्जी डिग्री मामले की जांच का जिम्मा सरकार ने सीआईडी को सौंप दिया। जांच के लिए एडीजीपी वेणुगोपाल की अध्यक्षता वाली 19 सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है। यह जानकारी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को विधानसभा में कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा की ओर से उठाए सवाल के जवाब में दी। सीएम ने कहा कि इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग से भी संपर्क किया गया। उन्होंने कहा कि फर्जी डिग्रियां बांटने से बड़ा हिमाचल में कोई पाप नहीं हो सकता। एक आकलन है कि फर्जी डिग्रियां हजारों में नहीं, लाखों में देश-विदेश में बांटी गईं हैं।
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राणा ने मामला सीबीआई को नहीं देने पर अफसोस जताया। इस पर सीएम ने कहा कि वह किसी भी सरकार पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। पूर्व में गलत चीजें हुई हैं। जहां लग रहा है कि गड़बड़ी हुई है, वहां कार्रवाई की जा रही है। टेक्नोमैक मामले का उदाहरण आपके सामने है, आरोपी विदेश चला गया। सरकार ने छोड़ा नहीं। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसा कि कांग्रेस सरकार अपने समय में इस गड़बड़ी को पकड़ नहीं पाई। विवि मालिक राजकुमार राणा और रजिस्ट्रार केके सिंह समेत पांच लोग गिरफ्तार किए गए हैं। दोनों ही न्यायिक हिरासत में हैं।
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