मानसून सत्र में हंगामे के आसार, विपक्ष इन मामलों को बनाएगा मुद्दा
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हिमाचल की 12वीं विधानसभा का आखिरी सत्र मंगलवार से शुरू होगा। मानसून सत्र के हंगामेदार होने के पूरे आसार हैं। 22 से 25 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में बहुचर्चित गुडि़या प्रकरण एवं मंडी में फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की मौत का मामला उठ सकता है। कानून व्यवस्था जैसे मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है, लिहाजा सदन में हंगामा हो सकता है।
इसी के मद्देनजर सौहार्द बनाए रखने के लिए स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल ने सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले मंगलवार सुबह सर्वदलीय बैठक बुलाई है। सोमवार शाम को भाजपा व कांग्रेस दोनों विधायक दलों ने अलग-अलग बैठकें कर सत्र को लेकर रणनीति बनाई। विपक्ष ने जहां पर सरकार को घेरने की तैयारी की है, वहीं सत्तापक्ष भी सदन में आक्रामक रुख अपनाने के मूड में है।
विधानसभा सचिवालय को विधायकों की ओर से अभी तक 125 सवाल मिले हैं। इनमें 95 तारांकित और 30 अतारांकित सवाल शामिल हैं। ज्यादातर सवाल आपदा प्रबंधन, कानून-व्यवस्था, सड़कों, खनन और कटान से जुड़े हैं। 24 अगस्त का दिन प्राइवेट मेंबर डे के लिए रखा गया है। वर्तमान सरकार का आखिरी सत्र होने के मद्देनजर सदन में कुछ अहम विधेयक भी आ सकते हैं। सत्र के मद्देनजर विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था चौकस कर दी गई है।
कांग्रेस चुनाव हारने वाली है, सरकार का अंतिम विस सत्र होगा: धूमल
विधानसभा के अंतिम सत्र में भाग लेने के लिए हमीरपुर से शिमला रवाना होने से पहले परिधि गृह हमीरपुर में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि इस सरकार का यह अंतिम विधानसभा सत्र होगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में कांग्रेस हारने वाली है। विधानसभा सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दों पर धूमल ने कहा कि विपक्ष कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों में भ्रष्टाचार, खराब कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, खनन माफिया, वन माफिया, भू-माफिया, शराब माफिया, ड्रग माफिया और ट्रांसफर माफिया आदि मुद्दों पर चर्चा चाहेगा।
उन्होंने कहा कि विस सत्र के दौरान सरकार को कटघरे में खड़ा करेंगे। सभी विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में गए हैं और वहां से स्थानीय समस्याएं लेकर आएंगे।
उन समस्याओं की आवाज भी विधानसभा सत्र में उठाई जाएगी। धूमल के साथ विधायक रणधीर शर्मा और खुशीराम बालनाहटा भी मौजूद रहे।