पर्यटन निगम ने प्रबंधक पर गिराई ट्रांसफर की गाज, छह साल में आठवां तबादला
- अब सोलन के बड़ोग में सेवाएं देंगे वरुण धीमान
- उखली में करोड़ों के कैफे में तोड़फोड़ का मामला
- अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाए थे निगम के मुद्दे
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शिमला में बैठे पर्यटन निगम के उच्च अधिकारियों की लापरवाही की गाज एक होटल प्रबंधक पर गिरा दी गई। हमीरपुर में पर्यटन निगम की संपत्ति को पहुंचे लाखों के नुकसान की फजीहत प्रदेश की राजधानी शिमला में बैठे उच्चाधिकारियों को सहन नहीं हुई। हमीरपुर के इन दोनों मामलों से खफा निगम प्रबंधन ने होटल हमीर के वरिष्ठ प्रबंधक का ही तबादला कर डाला।
इन दोनों मामलों में होटल हमीर के वरिष्ठ प्रबंधक को दोषी मानना निगम प्रबंधन की मंशा पर कहीं न कहीं प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। कारण साफ है। होटल प्रबंधक के पास इतनी शक्तियां नहीं कि सरकार के स्तर के फैसले खुद ले सकें। कैफे का आवंटन और चौकीदार की तैनाती का मामला हो या फिर हमीरपुर में अतिरिक्त भवन के निर्माण का मामला, दोनों ही मामले सरकार से जुड़े हैं। इन दोनों मामलों को लेकर होटल हमीर के वरिष्ठ प्रबंधक वरुण धीमान का अब सोलन के होटल बड़ोग के लिए तबादला कर दिया गया है।
पूर्व में सात होटलों में सेवाएं दे चुके प्रबंधक वरुण धीमान की जगह अब होटल हमीर में हंस राज ठाकुर ने कार्यभार संभाल लिया है। हालांकि, निगम इसे रूटीन प्रक्रिया बता रहा है। हालांकि, यह हकीकत है कि शिमला, पीटरहॉफ, बिलासपुर, चंबा और मनाली समेत अन्य जगहों पर निगम के कई होटलों में प्रबंधक समेत कई अधिकारी 15 से 20 सालों तक जमे हुए हैं।
होटल हमीर से हटाए गए वरिष्ठ प्रबंधक वरुण धीमान का छह साल के भीतर आठ बार अलग-अलग होटलों में तबादला हो चुका है। वह वर्ष 2014 में चायल होटल से हमीरपुर आए थे। लेकिन, कुछ समय के बाद उन्हें डलहौजी भेज दिया गया। फिर उन्हें डलहौजी से दोबारा हमीरपुर भेज दिया। अभी हमीरपुर में पांव जमे ही थे कि उन्हें ज्वालामुखी और उसके बाद पालमपुर ट्रांसफर कर दिया। पालमपुर में कुछ महीने बिताने के बाद फिर से हमीरपुर ट्रांसफर किया गया।
अमर उजाला ने उठाए थे यह दो मामले
पर्यटन विकास निगम ने वर्ष 2011 में लाखों रुपये खर्च कर हमीरपुर-बिलासपुर की सीमा पर स्थित उखली कस्बा में कैफे बनाया। लेकिन, न तो पर्यटन विकास निगम ने कैफे को चलाया और न ही किसी अन्य कारोबारी को आवंटित किया। इस भव्य कैफे की देखरेख के लिए कोई चौकीदार तक नियुक्त नहीं किया। ऐसे में कैफे भवन में लगीं खिड़की व दरवाजे, टाइलें समेत कई कीमती सामान चोरी होने से सरकार को लाखों रुपये की चपत लगी।
दूसरे मामला हमीरपुर में होटल हमीर के साथ आईपीएच विभाग के अधीक्षण अभियंता के आवासीय भवन को हटाकर यहां पर होटल के अतिरिक्त कमरे और बड़े सभागार बनाने का है। यह प्रोजेक्ट आधारशिला से आगे नहीं बढ़ पाया। इस भवन पर वर्तमान में एडीबी के अधिकारियों ने कब्जा कर लिया है। हमीरपुर जिले में अधर में लटके निगम के इन प्रोजेक्टों पर अमर उजाला ने अपने 3 फरवरी 2020 और 11 फरवरी 2020 के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए थे।
उखली के कैफे और हमीरपुर में होटल के विस्तार का मामला ध्यान में है। उखली में चौकीदार की तैनाती कर दी गई है। जबकि, होटल के अतिरिक्त भवन के मामले में शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। निर्माण कार्य के लिए सरकार से बजट मांगा गया है। होटल प्रबंधक का तबादला एक रूटीन प्रक्रिया है। - कुमुद सिंह, प्रबंधक निदेशक, हिप्र पर्यटन विकास निगम