सूरतेहाल: एक कमरे में लगाई जा रहीं छठी, सातवीं और आठवीं की कक्षाएं
कमरों की कमी की वजह से अधिकतर कक्षाएं बरामदे में या फिर खुले में टाट पट्टी पर संचालित की जा रही हैं।
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पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रेम नगर माध्यमिक स्कूल में शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक व्यवस्थाएं चरमरा रही हैं। यहां महज तीन कमरों में आठ कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इन्हीं कमरों को स्कूल प्रशासन ने दफ्तर भी बनाया हुआ है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि कमरों की कमी के कारण कैसे पढ़ाई हो रही है। स्कूल स्टाफ समेत बच्चे किस तरह परेशानी झेल रहे हैं।
बताया जा रहा कि यह स्कूल वन विभाग की भूमि पर बना हुआ है। इस वजह से शिक्षा विभाग यहां अतिरिक्त कमरों का निर्माण नहीं करवा पा रहा है। हालांकि शिक्षा विभाग जिस भूमि में स्कूल बना रहा है उसे शिक्षा विभाग के नाम करने के लिए वन विभाग से कई बार पत्राचार कर चुका है, लेकिन अभी तक भूमि को विभाग के नाम नहीं किया जा सका है। इस वजह से यहां परेशानियों की भरमार है। यहां छठी, सातवीं और आठवीं की कक्षा एक ही कमरे में लगाई जा रही है।
इसी कमरे में दफ्तर भी चल रहा है। इसके अलावा एक कमरे में पहली, दूसरी और तीसरी की कक्षा संचालित की जा रही है। जबकि शेष तीसरे कमरे में चौथी व पांचवीं कक्षाओं के संचालन के साथ कार्यालय भी चल रहा। कमरों की कमी की वजह से अधिकतर कक्षाएं बरामदे में या फिर खुले में टाट पट्टी पर संचालित की जा रही हैं।
दिगर हो कि 1962 से संचालित इस स्कूल में वर्तमान में 40 विद्यार्थी प्राथमिक पाठशालाओं और 26 विद्यार्थी मिडल के शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अश्वनी कुमार ने बताया कि वन विभाग को चाहिए कि जिस भूमि पर स्कूल बना है वह शिक्षा विभाग के नाम कर दे ताकि बच्चों का भविष्य संवर सके।
स्कूल प्रभारी भविंद्र सिंह ने बताया कि एक कमरे में तीन कक्षाओं का संचालन करने में भारी दिक्कत हो रही हैं। बारिश के बीच तो परेशानी और भी बढ़ रही है। बीईईओ सराहां राजेश शर्मा ने कहा कि सराहां शिक्षा खंड के प्रेम नगर स्कूल का भवन वन विभाग की भूमि पर बना है। वन विभाग को शिक्षा विभाग के नाम भूमि करने को लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।