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डेढ़ महीने पहले सेब तैयार कर हासिल किया दोगुना रेट, 150 रुपये प्रति किलो बिका

Sun, 01 Aug 2021 05:12 PM IST
अरविन्द ठाकुर विश्वास भारद्वाज, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
विश्वास भारद्वाज, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 01 Aug 2021 05:12 PM IST
सार

15 सितंबर के आसपास जहां प्रीमियम वैरायटी के सेब को 60 से 70 रुपये प्रति किलो रेट मिलते हैं, वहीं डेढ़ महीने पहले तैयार पंकज डोगरा का स्पर सेब शनिवार को चंडीगढ़ फल मंडी में 150 रुपये किलो के रेट पर बिका है।

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himachal shimla news: spur apple variety sold at 150 rupee per kg in chandigarh fruit mandi
8500 फीट की ऊंचाई पर डेढ़ महीने पहले तैयार हुआ स्पर सेब चंडीगढ़ मंडी में 150 रुपये किलो के रेट पर बिका। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिमला जिले के बागवान ने 8500 फीट की ऊंचाई पर सामान्य के मुकाबले डेढ़ माह पहले स्पर सेब तैयार कर दोगुने रेट हासिल किए हैं। अमूमन इस ऊंचाई के बगीचों में 15 सितंबर के बाद सेब तैयार होता है। इस दौरान मंडियों में सेब की भारी आवक के चलते बागवानों को अच्छे रेट नहीं मिलते। समय से पहले फसल तैयार करने से ऊंचाई वाले क्षेत्रों के बागवानों के लिए हाई कलर स्ट्रेन वैरायटी से अच्छी कीमत पाने की राह खुल गई है। चौपाल के मड़ावग दशोली के बागवान पंकज डोगरा ने 8500 फीट ऊंचाई पर अपने बगीचे में सामान्य से डेढ़ महीने पहले हाई कलर स्ट्रेन वैरायटी रेड विलोक्स, जैरोमाइन, एड्मस और किंगरॉट तैयार की है।

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15 सितंबर के आसपास जहां प्रीमियम वैरायटी के सेब को 60 से 70 रुपये प्रति किलो रेट मिलते हैं, वहीं डेढ़ महीने पहले तैयार पंकज डोगरा का स्पर सेब शनिवार को चंडीगढ़ फल मंडी में 150 रुपये किलो के रेट पर बिका है। आमतौर पर यह किस्में निचली ऊंचाई के लिए कारगर मानी जाती हैं। डोगरा का दावा है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों के स्पर की गुणवत्ता बेहतर है। हालांकि, डेढ़ महीने पहले फसल लेने से आकार की समस्या जरूर रहती है, जिसे बागवानी प्रबंधन की ओर से दूर किया जा सकता है।
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ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्पर वैरायटी की अच्छी पैदावार न होने की धारणा को भी इन्होंने गलत साबित कर दिया है। पंकज डोगरा ने बताया कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों के बागवानों को 20 अगस्त के बाद फसल मार्केट में आने के कारण अच्छे दाम नहीं मिल पाते। ऐसे में बागवान विशेष प्रबंधन से करीब एक से डेढ़ माह पहले फसल प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने पुराने पेड़ों पर टॉप वर्किंग से बगीचे को स्पर वैरायटी में तबदील किया। नया बगीचा भी स्पर वैरायटी का ही लगा रहे हैं।
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इन तकनीकों से बढ़ाया सेब का आकार
1. सर्दियों में प्रूनिंग के समय बीमों की छंटाई की
2. फ्लावरिंग के बाद फल सेट होने पर फलों की थिनिंग कर सिर्फ किंग फ्रूट रखा
3. मार्च से जुलाई तक थोड़े थोड़े अंतराल पर कम मात्रा में खादों का इस्तेमाल करते रहे

10 किलो सेब के मिले 1500 रुपये दाम
पंचकूला की एमएसी (मुकंद एंड अश्वनी चौहान) 20 नंबर फर्म के संचालक अश्वनी चौहान ने बताया कि 8500 फीट की ऊंचाई से प्रीमियम स्पर वैरायटी के 62 हॉफ बॉक्स को प्रति बॉक्स 1500 रुपये रेट मिला है। हॉफ बॉक्स में 10 किलो सेब होते हैं। यह सेब अगर 15 सितंबर के बाद मार्केट में आता तो 600 से 700 रुपये ही रेट मिल पाता। सेब में रंग बहुत बढ़िया था और साइज मीडियम था।

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