हिमाचल: शांता कुमार बोले- सत्ता चली जाए लेकिन सत्य नहीं जाना चाहिए, कांग्रेस वोट चोरी पर कर रही राजनीति
पालमपुर में पत्रकारों से बात करते हुए शांता कुमार ने कहा कि आज देश व भारतीय जनता पार्टी का स्वर्णिम युग है। अयोध्या में राम मंदिर बन गया, जम्मू कश्मीर से धारा 370 खत्म हो गई, राष्ट्रीय स्तर पर हम मजबूत हो गए।
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‘सत्ता जाती है तो चली जाए, लेकिन सत्य नहीं जाना चाहिए। 60 साल से राजनीति में हूं। आज की गिरती राजनीति के बाद भी मेरा जीवन एक जीवंत दस्तावेज है। मेरे जीवन की गाथा भी लिख दी गई है। हिंदी व अंग्रेजी के बाद जल्द ही यह पंजाबी में भी आ रही है। मेरी राजनीति की अवधि कम है, लेकिन उपलिब्धयां अधिक हैं।’ यह कहना है भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार का।
पालमपुर में पत्रकारों से बात करते हुए शांता कुमार ने कहा कि आज देश व भारतीय जनता पार्टी का स्वर्णिम युग है। अयोध्या में राम मंदिर बन गया, जम्मू कश्मीर से धारा 370 खत्म हो गई, राष्ट्रीय स्तर पर हम मजबूत हो गए। भाजपा व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दूर-दूर तक कोई विकल्प नहीं है। लेकिन वह कहना चाहते हैं कि स्वर्णिम युग लाने में सबसे बड़ी भूमिका राष्ट्रीय स्वयं सेवक (आरएसएस) की है। कई मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक आरएसएस से निकले हैं। कांग्रेस के वोट चोरी के चले आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा कि यह राजनीति ड्रामा है। इसके अलावा कुछ नहीं है।
राजनीति के अपने अनुभवों को साझा करते हुए वरिष्ठ नेता ने कहा कि वह नाहन जेल में 19 महीने रहे थे। यहां पर उन्होंने खूब पढ़ाई की। वहां पर पढ़ी गई स्वामी विवेकानंद की पुस्तक ने उनकी जिंदगी बदल दी। अंत्योदय की प्ररेणा उन्हें वहीं से ही मिली थी। वह नाहन जेल नहीं गए होते तो शांता आज आपके सामने ऐसा नहीं होता। उन्होंने कहा कि हिमाचल में जल शक्ति विभाग नहीं था, जिसका निर्माण उन्होंने किया था।
अंत्योदय योजना से यशवंत सिन्हा हुए थे नाराज
शांता कुमार ने कहा कि जब वह एनडीए की सरकार में खाद्य मंत्री बने तो आनाज के ढेर लगे थे। लेकिन देश के पांच करोड़ लोग रात को भूखे सोते थे। यह देख उन्होंने अंत्योदय योजना शुरु करने को प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी से कही थी। लेकिन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने इसे नहीं माना था। जब अखबार को इसे लेकर खबर लगी तो यशवंत सिन्हा उनसे नाराज हो गए थे। लेकिन अटल बिहारी बाजपेयी के 25 दिसंबर, 2000 को जन्मदिन पर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के साथ अंत्योदय योजना को भी उन्होंने शुरु करवा दिया था।
1977 में मुख्यमंत्री की कुर्सी जाने पर देखा था सिनेमा
शांता कुमार ने कहा कि 1977 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी सता चली गई थी। तब उन्होंने जा कर शिमला के थियेटर में फिल्म देखी थी तो सब लोग हैरान रह गए थे।