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हिमाचल में चार माह बाद खुले स्कूल, 10वीं से 12वीं की नियमित कक्षाएं शुरू

अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 02 Aug 2021 10:31 AM IST

सार

पांचवीं और आठवीं कक्षा के बच्चे शिक्षकों से परामर्श लेने के लिए स्कूल आ सकेंगे। अभी अप्रैल, 2021 से स्कूल पूरी तरह बंद थे।
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कन्या स्कूल ऊना में बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद एंट्री
कन्या स्कूल ऊना में बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद एंट्री - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश में करीब चार महीने बाद सोमवार से स्कूल खुल गए हैं। पहले चरण में 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की आज से नियमित कक्षाएं शुरू हो गई हैं। शिक्षा विभाग ने इसके लिए एसओपी जारी की है। थर्मल स्क्रीनिंग, हैंड सैनिटाइज करवाने के बाद ही बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिया गया।
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एसओपी के तहत विद्यार्थियों और शिक्षकों को मास्क पहनना अनिवार्य है। स्कूलों में प्रार्थना सभाएं नहीं हुईं। एक डेस्क पर एक विद्यार्थी ही बैठा। ज्यादा बच्चे होने पर दो-दो क्लास रूम में बच्चे बिठाए जाएंगे। स्कूल खुलने का समय सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक रहेगा। विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश करने और छुट्टी के बाद घर जाने का समय अलग-अलग रहेगा।


मौसम साफ रहने पर खुले में भी कक्षाएं लग सकती हैं। पांचवीं और आठवीं कक्षा के बच्चे शिक्षकों से परामर्श लेने के लिए स्कूल आ सकेंगे। अभी अप्रैल, 2021 से स्कूल पूरी तरह बंद थे। उल्लेखनीय है कि 26 जुलाई से कोचिंग, ट्यूशन और प्रशिक्षण संस्थान खोले जा चुके हैं। कॉलेजों में 16 अगस्त से नया सत्र शुरू होगा।

26 जुलाई से कॉलेजों में ऑनलाइन और ऑफलाइन दाखिले शुरू हो चुके हैं। सरकार के निर्देशों के बाद सभी स्कूलों को समय-समय पर सैनिटाइज करना जरूरी होगा। सोमवार से सरकारी स्कूलों में सभी शिक्षकों को हाजिर रहना अनिवार्य किया गया है। उधर, बता दें कि चंबा उपमंडल में मिंजर मेले की स्थानीय छुट्टी के चलते 3 अगस्त, लाहौल-स्पीति जिले में 10 और कुल्लू जिले में 16 अगस्त से स्कूल खुलेंगे।

छोटी हो गईं वर्दियां-जूते, करनी पड़ी खरीद
बच्चे मार्च, 2020 के बाद नियमित रूप से स्कूल नहीं गए। ऐसे में बच्चों की वर्दियां और जूते छोटे हो गए हैं। अभिभावक अब उनके लिए नई वर्दी और जूतों की खरीदारी कर रहे हैं। 12वीं के बच्चों के अभिभावक इसलिए भी हिचकिचा रहे हैं कि इसके बाद उनके बच्चों ने कॉलेज जाना है। ऐसे में पैसा क्यों बरबाद करें। 

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