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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal's loan limit will increase, bill introduced in assembly

HP Assembly Session: हिमाचल की कर्ज लेने की बढ़ेगी सीमा, विधानसभा में विधेयक पेश

Thu, 05 Jan 2023 10:38 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 05 Jan 2023 10:38 PM IST
सार

कर्ज की सीमा बढ़ाने के लिए गुरुवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंध संशोधन विधेयक 2023 को सदन के पटल पर रखा। 

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Himachal's loan limit will increase, bill introduced in assembly
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश सरकार चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में खर्चे पूरे करने के लिए सीमा से अधिक कर्ज लेगी। कर्ज की सीमा बढ़ाने के लिए गुरुवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंध संशोधन विधेयक 2023 को सदन के पटल पर रखा। इसे शुक्रवार को पारित किया जाएगा। केंद्र सरकार से कर्ज की सीमा बढ़ाने की अनुमति मिलने के बाद राज्य सरकार ने इस संबंध में संशोधन विधेयक पारित करने का निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार सकल राज्य घरेलू उत्पाद यानी राज्य के जीडीपी का तीन प्रतिशत से अधिक कर्ज नहीं ले सकती है।

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लेकिन केंद्र से अनुमति मिलने के बाद यह तय किया गया है कि चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए राज्य जीडीपी का छह प्रतिशत या इससे कम और वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के लिए इसे साढ़े तीन प्रतिशत या इससे कम लिया जाएगा।  विधेयक के प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है कि पूंजीगत व्यय के लिए राज्यों को विशेष सहायता की योजना के तहत आधारभूत संरचना परियोजनाओं के वित्त पोषण के चलते यह व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत 50 वर्ष की अवधि तक ब्याज मुक्त ऋण और राजकोषीय घाटे की भरपाई के लिए इन सीमाओं के अंतर्गत ऋण लिया जा सकेगा। 
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जीएसटी रिटर्न सरलीकरण के लिए रखा अध्यादेश, विधेयक
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वीरवार को जीएसटी (वस्तुएं एवं सेवाएं कर) रिटर्न के सरलीकरण से जुड़ा एक अध्यादेश और इससे संबंधित विधेयक भी सदन के पटल पर रखा। इसमें केंद्र सरकार की ओर से वस्तु एवं सेवा कर परिषद की 43वीं और 45वीं बैठकों में सुझाए गए वित्तीय अधिनियम के संशोधन शामिल किए गए हैं। 
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एक राष्ट्र, एक कर की धारणा लक्षित
 विधेयक के प्रस्ताव के अनुसार, केंद्र और राज्य स्तर के लगभग सभी अप्रत्यक्ष करों की एकरूपता के लक्ष्य से किया गया है। इसमें एक राष्ट्र, एक कर की धारणा लक्षित है। हिमाचल प्रदेश माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2023 को सदन के पटल पर प्रस्तुत करने के बाद शुक्रवार को पारित किया जाएगा।


विपक्ष को अधिक समय दें, हमें थोड़ा संरक्षण 
कुलदीप सिंह पठानिया के विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि बोलने के लिए आप विपक्ष को अधिक समय दें। आप हमें भी थोड़ा संरक्षण दें। सुक्खू ने कहा कि हम छात्र राजनीति से राजनीति में आए हैं, उसी तरह आपकी राजनीति भी एसएसयूआई से शुरू हुई। जब मैं प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष था, तब आप पार्टी के मुख्य प्रवक्ता थे। आप मेरे से पहले युवा कांग्रेस की राजनीति में आए। 1985 में पहली बार नौजवान विधायक बनकर इस सदन को सुशोभित किया था। आज बेहद खुशी की बात है कि आप संवैधानिक पद पर बैठे हैं। आपने लॉ की पढ़ाई की है। आपको विधि का अच्छा ज्ञान है। सदन का संचालन आप नियमों के अनुसार करेंगे। 

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