Himachal: भूस्खलन से 900 सड़कें और 1497 बिजली ट्रांसफार्मर बंद, कुल्लू में चार और शव मिले; अब तक गई 366 की जान
ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों सड़कें, बिजली-पानी की आपूर्ति ठप होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में बरसात के चलते जगह-जगह भूस्खलन से दुश्वारियां बरकरार हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों सड़कें, बिजली-पानी की आपूर्ति ठप होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य में शनिवार शाम छह बजे तक 900 सड़कें, 1497 बिजली ट्रांसफार्मर और 388 जल आपूर्ति स्कीमें बंद रहीं। चंबा में116, कुल्लू में 225, मंडी में 198 और शिमला में 167 सड़के बंद हैं। शिमला में भी हल्की बारिश जारी है। खराब माैसम के चलते मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का हमीरपुर के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दाैरा रद्द हो गया है।
मलबे से चार और शव मिले
कुल्लू में मलबे में दबे चार और लोगों के शव निकाले गए हैं। इनमें तीन कश्मीरी मजदूर और एक एनडीआरएफ जवान शामिल है। बाह्य सराज के छलाच गांव के 20 परिवार भूस्खलन की जद में गए हैं। वहीं, भुंतर के दियार पंचायत के शेगलीधार गांव में भूस्खलन होने से 15 घर खाली करवाए गए हैं। कुल्लू-मनाली एनएच रायसन में छोटे वाहनों के लिए बहाल हो गया है।
रेस्क्यू अभियान खत्म, अंतिम दिन एयरलिफ्ट किए गए 64 श्रद्धालु
मणिमहेश यात्रा के लिए रवाना हुए यात्रियों को प्रशासन ने सुरक्षित उनके गंतव्यों तक पहुंचा दिया है। शनिवार को रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हो गया है। सरकार के दिशा निर्देशन में जिला प्रशासन चंबा ने मणिमहेश यात्रा के दौरान फंसे श्रद्धालुओं के लिए भरमौर से करियां (चंबा) तक विशेष बचाव अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतिम दिन सेना के एमआई 17 हेलिकाप्टर की सहायता से शेष अंतिम 64 श्रद्धालुओं के अलावा दो शवों को भी भरमौर से करियां (चंबा) पहुंचाया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत लगभग सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। हेलिकाप्टर ऑपरेशन आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया गया है। पिछले तीन दिनों से भरमौर में फंसे लगभग 700 श्रद्धालुओं को हेलिकाप्टर के माध्यम से करियां पहुंचाया गया। बचाव अभियान में भारतीय वायुसेना के दो चिनूक हेलिकाप्टरों और एम-17 की मदद ली गई। चिनूक हेलिकाप्टरों ने 5 सितंबर को एक ही दिन में 524 यात्रियों और 3 शवों को करियां पहुंचाया। इस वर्ष मणिमहेश यात्रा के दौरान विभिन्न कारणों से कुल 17 श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई है। इसमें सड़क दुर्घटनाओं के मृतकों का आंकड़ा शामिल नहीं है। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं को 29 अगस्त से लगातार हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों के माध्यम से विभिन्न गंतव्यों के लिए निशुल्क परिवहन सुविधा प्रदान की गई।
दगडाह गांव में बरसात से मकान जमींदोज, गरीब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
उपमंडल बंगाणा क्षेत्र की टकोली पंचायत के गांव दगडाह के गुरदास राम पुत्र रोलू राम का मकान भार बारिश से जमींदोज गया है। इससे दिहाड़ी-मजदूरी कर गुजारा कर रहे गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टू गया है। थानाकलां के समीप सड़क धंसने के चलते ऊना-भोटा मार्ग बड़े वाहनों के लिए बंद हो गया है। पिछले तीन दिनों से यहां पर वाहन फंस रहे हैं।
कुछ भागों में इतने दिन जारी रहेगी बारिश
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई भागों में 12 सितंबर तक बारिश का दाैर जारी रहेगा। आज कुछ स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बीती रात को नयना देवी में 136.8, बरठीं 25.6, मालरांव 25.0, सराहन 20.0, धौलाकुआं 18.5 व रोहड़ू में 10.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
लिप्पा में बनी कृत्रिम झील
किन्नौर जिले के पूह खंड के लिप्पा गांव के साथ लगती पेजर खड्ड में गुरुवार दोपहर करीब 12 अचानक बाढ़ आने कृत्रिम झील बन गई है। इसका पानी बढ़ने से ग्रामीण दहशत में हैं। वहीं, बाढ़ से कई घर जलमग्न हो गए हैं। लोगों के रिहायशी मकानों, पेयजल स्रोतों, सिंचाई कूहलों, सेफ्टी टैंक सहित बागवानों के हजारों सेब के पौधों को भारी क्षति पहुंची है।
मानसून में अब तक 366 की गई जान
प्रदेश में बादल फटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। भारी बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन से हर साल तबाही हो रही है। पहाड़ों पर पिछले 30 वर्षों में अत्याधिक बारिश की घटनाओं में 200 फीसदी तक बढ़ोतरी हो गई है। इस मानसून सीजन के दौरान अभी तक कुल 3,97,952.11 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। इस मानसून सीजन में 20 जून से 6 सितंबर तक 366 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 426 लोग घायल हुए हैं। 47 लोग अभी भी लापता हैं। इस दौरान 163 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई है। प्रदेश में इस अवधि में बादल फटने की 50, बाढ़ की 95 और भूस्खलन की 133 घटनाएं हुई हैं। इनमें 1366 पक्के और 3218 कच्चे घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। 452 दुकानों और 4816 गोशालाओं को भी नुकसान हुआ है। 1967 पालतु पशुओं की भी माैत हुई है।
सोलन में बरसात से जल शक्ति विभाग की 453 योजनाएं क्षतिग्रस्त
सोलन जिले में बीते कई दिनों से पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही है। बरसात के कारण जल शक्ति विभाग की 453 योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। विभाग के कर्मचारी योजनाओं को सुचारू करने में लगे हैं। वहीं योजना प्रभावित होने से निगम को पानी की आपूर्ति बेहद कम हो रहीं है, जिससे सोलन में जल संकट बरकरार है। इस बार सबसे अधिक सोलन में जल संकट का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता इंजीनियर संजीव सोनी ने बताया कि जिला सोलन में बरसात से 50 करोड़ का नुकसान 453 योजनाओं को हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रभावित योजनाओं का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है व अधिकतर योजनाओं को सुचारू किया जा चुका है। 13 योजनाएं जिले में सुचारू करने को बची है उन्हें भी अति शीघ्र सुचारू करने का प्रयास है ताकि लोगों को राहत मिल सके।
निगुलसरी के समीप भूस्खलन से बंद हाईवे सात दिन बादल बहाल
जिला किन्नौर के निगुलसरी के समीप एनएच-5 करीब सात दिनों से बंद था। शनिवार दोपहर एनएच को बहाल कर दिया गया है। हाईवे बहाल होने से शिमला- किन्नौर के बीच वाहनों की आवाजाही पूरी तरह शुरू होने से लोगों को काफी राहत मिली है। निगुलसरी के समीप एनएच सात दिनों से भूस्खलन के चलते बंद था।
धर्मपुर में लगातार धंसती जा रही जमीन, कंडाघाट में मकान को खतरा
सोलन जिले में धर्मपुर के बठोल गांव में जमीन लगातार धंसती जा रही है। पहले ही यहां पर तीन घर खाली करवा दिए हैं। अब दरारें बढ़ने से गांव में चिंता सता रही है। वहीं कंडाघाट में भी एक मकान पर खतरा मंडरा गया है।
न्यू कथेड़ में धंस गई जमीन, एचटी लाइन को भी खतरा
सोलन शहर के वार्ड-17 न्यू कथेड़ में शिव मंदिर के पास जमीन धंसती जा रही है। हालात यह हो गए है कि यहां पर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। वहीं 33 केवी के विद्युत टावर को भी खतरा पैदा हो गया है।
लूहरी-दलाश मुख्य सड़क जगह-जगह भूस्खलन से बंद, पहाड़ी दरकने का वीडियो वायरल
दलाश(कुल्लू जिले के दलाश क्षेत्र की लूहरी-दलाश मुख्य सड़क पिछले करीब एक सप्ताह से बंद होने के कारण लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दलाश-लूहरी सड़क क्षेत्र की प्रमुख सड़क है लेकिन भारी बारिश के कारण जगह-जगह हुए भारी भूस्खलन से यह जगह-जगह से बंद पड़ी है। इस कारण लोगों को दलाश से लूहरी पैदल जाना पड़ रहा है। साथ ही बंद पड़ी सड़क के कारण लोगों को दूध, दही व सब्जी आदि भी दलाश बाजार में नहीं मिल पा रहे हैं। डिंगीधार पंचायत प्रधान बंसी लाल ने पीडब्ल्यूडी विभाग से मांग की है कि सड़क को जल्द से जल्द बहाल किया जाए।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.