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कैबिनेट की बैठक पर टिकीं पीटीए शिक्षकों की नजरें, ये हैं मांगें

Sun, 20 Aug 2017 12:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 20 Aug 2017 12:25 PM IST
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Himachal PTA Teachers demands for regularization.

प्रदेश पीटीए शिक्षक संघर्ष मंच की नजरें अब 22 अगस्त को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक पर टिक गई है। इस बैठक में इनकी मांगों पर फैसला आ सकता है। प्रदेश पीटीए शिक्षक संघर्ष मंच ने 5500 अनुबंध पीटीए अध्यापकों को सशर्त नियमित करने का फैसला लेने की मांग की है। मंच ने 1369 लेफ्टआउट को पैट और पैरा अध्यापकों की तर्ज पर रेगुलर के समकक्ष लाभ का फैसला लेने की मांग भी की है।

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मंच के प्रदेश अध्यक्ष पंकज कुमार, महिला प्रकोष्ठ की राज्य अध्यक्ष छवि सूद, उपाध्यक्ष दिनेश पटियाल, महासचिव राजपूत संजीव ठाकुर, मुख्य सलाहकार नरेंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष रविकांत शर्मा, संयोजक कासिम खान, सह सचिव अमित शर्मा, पवन लखनपाल और धर्मपाल गोरा का कहना है कि सरकार चुनावी वर्ष में अनुबंध पीटीए अध्यापकों के हित में यह महत्वपूर्ण कदम उठाती है तो सरकार का यह निर्णय चुनावों में गेम चेंजर हो सकता है।
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मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि कांग्रेस ने 2012 में हुए चुनावों के दौरान सत्ता मिलते ही नियमित करने का वादा किया था। लेकिन अब सरकार ने अपने कार्यकाल के आखिरी महीनों में भी इस वायदे को पूरा नहीं किया है।
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संघर्ष मंच के पदाधिकारियों ने कहा है कि 12 साल की सेवाओं के बाद भी अपने भविष्य को लेकर मानसिक दबाव से गुजर रहे पीटीए अध्यापकों ने सरकार से हजारों परिवारों के घरों को न उजाड़ने का विशेष आग्रह किया है। राजनीतिक दलों के लिए यह राजनीतिक मुद्दा हो सकता है। लेकिन हजारों अध्यापकों के लिए ये सिर्फ  रोजी रोटी और मान-सम्मान को बचाने की जंग है।

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