इस आधार पर मिलेगा बेरोजगारी भत्ता, जल्द जारी होंगी गाइडलाइंस
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हिमाचल में युवाओं को बेरोजगारी भत्ता उम्र और परिवार की सालाना आय के आधार पर मिलेगा। बजट में बेरोजगारी भत्ते की घोषणा के बाद ही रोजगार महकमे ने इसकी गाइडलाइंस बनाने के लिए माथापच्ची शुरू कर दी है। उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो बेरोजगारी भत्ते के लिए युवाओं की आयुसीमा 18 से 35 साल हो सकती है।
परिवार की वार्षिक आय दो लाख या इससे कम तय की जा सकती है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शुक्रवार को विस में पेश किए बजट में बेरोजगारी भत्ता देने का एलान किया है। बारहवीं पास या इससे अधिक पढ़े-लिखे बेरोजगारों को सरकार ने एक हजार रुपये बेरोजगारी भत्ते के रूप में देने की बात कही है।
दिव्यांगों को 1500 रुपये भत्ता मिलेगा। इससे ज्यादा बजट भाषण में कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है। वर्ष 2017-18 के बजट में बेरोजगारी भत्ते के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या आठ लाख से ज्यादा है। ऐसे में बजट में डेढ़ सौ करोड़ से सवा लाख बेरोजगारों को 1000 रुपये भत्ता दे पाएंगे। कांग्रेस पार्टी ने वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव घोषणापत्र में बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा की थी।
150 करोड़ से एक साल में महज सवा लाख बेरोजगारों को ही मिल पाएगा भत्ता
चुनावी वर्ष में बेरोजगारी भत्ता न देने पर पहले तो वरिष्ठ मंत्री जीएस बाली ने अपनी ही सरकार को घेरा। फिर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू ने बेरोजगारी भत्ता दिलाने के लिए अलग से कमेटी बना दी। भाजपा ने भी इस मुद्दे पर सरकार पर निशाने साधे। भत्ते को अव्यवहारिक बताने के बावजूद सीएम वीरभद्र सिंह ने अपने बजट भाषण में इसका एलान कर सबको चौंका दिया।
इसी साल विस चुनाव होने हैं, ऐसे में यह घोषणा कितनी धरातल पर उतरती है, सबकी नजरें टिकी हैं। श्रम एवं रोजगार मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नेतृत्व की हिमाचल सरकार बेरोजगारों की हितैषी है। बेरोजगारी भत्ता देने की बजट घोषणा से सरकार ने अपने चुनावी घोषणापत्र के वायदे को पूरा किया है। ये भत्ता जल्दी ही आगामी वित्तीय वर्ष 2017-18 से दिया जाएगा।