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हिमाचल विस बाल सत्र: पेपर लीक की शर्मसार घटना ने दर्शाई सरकार की अयोग्यता, ओपीएस देने का उठाया सवाल

Tue, 13 Jun 2023 09:48 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Tue, 13 Jun 2023 09:48 AM IST
सार

प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सदस्य शाक्षी चौहान ने सवाल पूछा कि एक वर्ष में कितनी सरकारी परीक्षाएं करवाई गईं। कितनी परीक्षाएं पेपर लीक होने से रद्द हुईं।

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हिमाचल प्रदेश विधानसभा बाल सत्र। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बाल सत्र के प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के सदस्यों ने पेपर लीक मामले में सरकार को घेरा। विपक्ष के बाल उपनेता हरीओम ने कहा कि पेपर लीक की घटना ने प्रदेश को शर्मसार किया है। मामले ने सरकार की अयोग्यता का दर्शाया है। यह घटना लापरवाही नहीं, सरकार की संगठित नाकामयाबी है। नेताओं की अनियंत्रितता इससे साबित हुई है। सरकार का दावा है कि शिक्षा सिस्टम को मजबूत कर रहे है, लेकिन पेपर लीक बता रहा है इनकी नीतियों की सच्चाई कुछ और ही है। पेपर लीक मामले में कितने दोषियों को सजा दिलाई है या यह मानें कि सरकार का दोषियों को संरक्षण प्राप्त है।

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प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सदस्य शाक्षी चौहान ने सवाल पूछा कि एक वर्ष में कितनी सरकारी परीक्षाएं करवाई गईं। कितनी परीक्षाएं पेपर लीक होने से रद्द हुईं। जवाब में बाल शिक्षा मंत्री मिशल ने कहा कि एक वर्ष में दो सरकारी परीक्षाएं हुईं। दो को रद्द किया गया। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। हमीरपुर आयोग का मामला कोर्ट में है। विपक्षी सदस्य शालिनी ठाकुर ने 75 हजार करोड़ कर्ज के बावजूद ओपीएस देने का सवाल उठाया।
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पूछा कि कर्ज कम करने को सरकार क्या कदम उठा रही है। अनावश्यक खर्च कैसे कम किया जा रहा है। बाल वित्त मंत्री फैजल ने कहा कि 75 हजार करोड़ का कर्ज कम करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से इस संदर्भ में बैठकें की हैं। वर्ष 2024 में समाप्त होने जा रही शानन बिजली परियोजना की लीज का पक्ष रखा है। परियोजना को प्रदेश के अधीन लाने के लिए प्रयास जारी है।
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ओपीएस लागू करने का फैसला प्रदेश के हजारों कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित करने को लिया गया है। केंद्र के पास जमा एनपीएस फंड वापस लेने के लिए पत्र भेजा था, लेकिन केंद्र ने यह राशि देने से इनकार कर दिया है। सरकार इस राशि को वापस लाने के लिए प्रयासरत है। बाल वित्त मंत्री ने कहा कि वित्त एक गंभीर मामला है। विभाग वित्त के व्यय का पूरा हिसाब रख रहा है। प्रदेश की धनराशि को अनावश्यक खर्च करने का सवाल ही नहीं उठता है।

हिमाचल में दो साल में 915 वर्ग किलोमीटर बढ़े जंगल
विपक्षी सदस्य आस्था के सवाल पर बाल पर्यावरण मंत्री सरदार परमजीत सिंह ने पंजाबी भाषा में सरकार की योजनाएं बताईं। कहा कि गत दो वर्ष में प्रदेश के जंगलों की 915 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में वृद्धि हुई है। पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार गंभीर है। पौधरोपण के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इलेक्टि्रक वाहनों की संख्या बढ़ाई जा रही है।

हिमाचल में नहीं है एक भी राजकीय कॅरिअर काउंसलिंग संस्थान
विपक्षी सदस्य अक्षरा ने राजकीय कॅरिअर काउंसलिंग संस्थानों का मामला उठाया। जवाब में प्राथमिक शिक्षा मंत्री कामख्या कौंडल ने कहा कि प्रदेश में ऐसा एक भी संस्थान नहीं है। यह मामला सरकार के ध्यान में पहली बार आया है। विभागीय अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। काउंसलिंग संस्थान शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे। अनुपूरक सवाल करते हुए सदस्य तमेष ने कहा कि काउंसलिंग बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी है। काउंसलर बच्चों को सही दिशा दिखा सकते हैं। बाल मंत्री ने कहा कि इस विषय पर अवश्य ही काम किया जाएगा। विशेषज्ञों से भी राय लेंगे।

राजस्थान, छत्तीसगढ़ की तर्ज पर करवाएंगे ग्रामीण ओलंपियाड
विपक्षी सदस्य व्योम सिंह ने पूछा कि प्रदेश में किन खेलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। बाल खेल मंत्री वेदांत ठाकुर ने बताया कि सरकार परंपरागत खेलों के साथ पैराग्लाइडिंग, स्कीइंग को भी बढ़ावा दे रही है। नौकरियों में तीन फीसदी खेल कोटा रखा गया है। राजस्थान और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर सितंबर में ग्रामीण ओलंपियाड करवाने का फैसला लिया है। सदस्य चारू प्रिया के सवाल पर बाल स्वास्थ्य मंत्री निकुंज रांटा ने कहा कि प्रदेश में 606 प्राथमिक चिकित्सा केंद्र हैं। सभी केंद्र सही तरीके से काम कर रहे हैं। अगर कोई पीएचसी सही तरीके से काम नहीं कर रही है तो उसकी जानकारी दी जाए।

धर्म के नाम पर राजनीति करने पर अध्यक्ष ने टोके विपक्षी सदस्य
विपक्षी सदस्यों की ओर से किए गए एक कटाक्ष पर बाल विधानसभा अध्यक्ष ने टोकते हुए कहा, धार्मिक राजनीति को सदन से बाहर रखिये। इसके चलते आपके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जा सकती है। सदस्य सोनम ने प्रदेश की कला एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों का ब्योरा मांगते हुए प्रमुख मंदिरों तक पहुंचने वाली सड़कों की दुर्दशा का मामला उठाया। बाल पर्यटन मंत्री दिवांशी शर्मा ने बताया कि प्रदेश की कला एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए बीते दिनों शिमला में समर फेस्टिवल करवाया गया। नाटी के प्रोत्साहन के लिए भी कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या इन दिनों अधिक है। संख्या में कुछ कमी आते ही सड़कों की हालत सुधारने का काम शुरू किया जाएगा। देश के प्रमुख मंदिरों की व्यवस्था विभागीय अधिकारी जांच रहे हैं। प्रदेश में जल्द मंदिरों को जोड़ने के लिए पर्यटन रूट तैयार किया जाएगा। इस पर एक विपक्षी सदस्य ने सीट पर बैठकर कहा कि मंत्री जी यह धार्मिक आस्था का सवाल है, इस बार तो आप सच बोल रहे हैं न। इस टिप्पणी पर बाल अध्यक्ष ने एतराज जताया। इस पर विपक्ष के बाल उपनेता हरीओम ने अध्यक्ष से माफी मांगते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की बात नहीं कही जाएगी।


बाल विधायक प्रशांत ने पहाड़ी भाषा में उठाया जलसंकट का मामला
विपक्षी सदस्य ठाकुर प्रशांत सिंह ने पहाड़ी भाषा में सवाल पूछा कि पेयजल संकट को लेकर सरकार क्या कदम उठा रही है। बाल उपमुख्यमंत्री तुषार आनंद ने कहा कि सभी विस क्षेत्रों में कितना पानी दिया जा रहा है, पानी को कहां जमा किया जा रहा है। इसकी कुंडली तैयार कर ली गई है। प्रदेश के हर व्यक्ति के घर तक पानी पहुंचाने के लिए सरकार प्रयासरत है। सदस्य निवेदिता जस्टा ने पार्किंग का मामला उठाया। बाल शहरी विकास मंत्री रिजा शेख ने कहा कि नए भवनों में नियमों के तहत पार्किंग का बंदोबस्त किया जा रहा है।

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