संयुक्त किसान मंच: खाद, बीज, कीटनाशकों की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ आंदोलन का एलान
संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान और सह संयोजक संजय चौहान ने कहा कि मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सेब खरीद के 65 करोड़ भी सरकार ने बागवानों को नहीं चुकाए हैं। मंच ने किसान-बागवानों के मुद्दे पर चुनावी साल में सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
खाद, बीज और कीटनाशकों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के खिलाफ संयुक्त किसान मंच ने आंदोलन का एलान किया है। मंच के संयोजक हरीश चौहान और सह संयोजक संजय चौहान ने कहा कि खाद, बीज और कीटनाशकों की कीमतों में न सिर्फ भारी बढ़ोतरी हुई है, बल्कि जरूरत के समय बागवानों को पर्याप्त खाद भी नहीं मिल रही है। इससे सेब सीजन प्रभावित होने की संभावना है। मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सेब खरीद के 65 करोड़ भी सरकार ने बागवानों को नहीं चुकाए हैं। संयुक्त किसान मंच ने किसान-बागवानों के मुद्दे पर चुनावी साल में सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है।
बताया कि प्रदेश में खाद की कमी बीज, कीटनाशक, फफूंदनाशकों और अन्य लागत की वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि से कृषि और बागवानी पर संकट खड़ा हो गया है। एचपीएमसी और हिमफेड वर्षों से बागवानों के मंडी मध्यस्थता योजना में लिए गए सेब का बकाया करीब 65 करोड़ का बागवानों को नहीं चुका रहा है। बकाया भुगतान के बदले बागवानों को दिए जा रहे उत्पाद बाजार के मुकाबले 20 से 70 फीसदी तक अधिक महंगे दिए जा रहे हैं। बाजार में जो कैल्शियम नाइट्रेट का 25 किलो का बैग 1250 रुपये में मिल रहा है, लेकिन सरकार की एजेंसियां 1560 से 1750 रुपये में बेच रही हैं।
पोटाश, इफ्को, 12:32:16 व 15:15:15 तथा अन्य खादों की भारी कमी है। करीब 70 प्रतिशत गरीब छोटे व मध्यम किसान को खाद नहीं मिल पा रही। पोटाश खाद की कीमत गत वर्ष 850 रुपये थी आज 1750 रुपये कर दी गई है। इफ्को 12:32:16 की कीमत इस वर्ष 1750 रुपये है, जिसकी कीमत गत वर्ष 1150 रुपये थी।
15:15:15 के खाद के एक बैग की कीमत जो गत वर्ष 1050 रुपये थी, वह इस वर्ष बढ़कर 1450 रुपये हो गई है। महंगाई से उत्पादन और उत्पादकता में गिरावट आ रही है और किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट बढ़ गया है। सरकार की किसान बागवान विरोधी नीति के खिलाफ संयुक्त किसान मंच ने सड़क पर उतर कर विरोध का फैसला किया है। जल्द ब्लॉक, खंड, जिला और प्रदेश स्तर पर आंदोलन छेड़ा जाएगा।