{"_id":"60ae27878ebc3e36ac125726","slug":"himachal-pradesh-police-recruitment-process-not-started-yet","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेढ़ साल से टल रही कांस्टेबल भर्ती, युवाओं की बढ़ीं मुश्किलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेढ़ साल से टल रही कांस्टेबल भर्ती, युवाओं की बढ़ीं मुश्किलें
Thu, 27 May 2021 10:56 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 27 May 2021 10:56 AM IST
सार
सोशल मीडिया पर युवाओं का आरोप है कि पुलिस मुख्यालय अगर भर्ती से पहले ही औपचारिकताओं को लॉकडाउन के दौरान पूरा कर लेता तो दूसरी लहर आने से पहले सेना की ही तरह पुलिस भर्ती भी हो जाती।
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पिछले डेढ़ साल से टल रही हिमाचल प्रदेश पुलिस की सिपाही भर्ती की वजह से हजारों युवाओं के लिए रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। पिछले साल बजट की घोषणा के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांस्टेबल के एक हजार पद भरने का एलान कर दिया, लेकिन इसके बाद कोविड संक्रमण के चलते लॉकडाउन लग गया। सितंबर के बाद हालात साल के अंत तक हालात सुधरे तो पुलिस महकमे ने सरकार से भर्ती को लेकर पत्राचार शुरू किया।
विज्ञापन
पत्राचार इतनी बार और इतने लंबे समय तक चला कि मार्च के बाद प्रदेश में कोरोना की दूरी लहर ने दस्तक दे दी। नतीजा यह हुआ कि अब अगले दो तीन महीने तक भर्ती होने की संभावना नहीं लग रही। इसकी वजह से हजारों की संख्या में युवा भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने से वंचित रह जाएंगे। ऐसा इसलिए है कि भर्ती में देर होने से बड़ी संख्या में युवाओं की उम्र निर्धारित मानदंड को पार कर रही है। इसमें ऐसे युवा भी है, जो लंबे समय से भर्ती के लिए तैयारी तक कर रहे थे।
विज्ञापन
ऐसे में युवा भर्ती में देरी के लिए कोरोना से ज्यादा पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों को दोषी ठहरा रहे हैं। सोशल मीडिया पर युवाओं का आरोप है कि पुलिस मुख्यालय अगर भर्ती से पहले ही औपचारिकताओं को लॉकडाउन के दौरान पूरा कर लेता तो दूसरी लहर आने से पहले सेना की ही तरह पुलिस भर्ती भी हो जाती। लेकिन दूरदर्शिता की कमी की वजह से उन्हें मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। उधर, पुलिस मुख्यालय का सारा ध्यान भी कोविड के चलते लगाए गए निर्देशों का पालन कराने पर है।
विज्ञापन