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एक साल के बाद दी आरटीआई की सूचना, एक हजार रुपये की पेनल्टी
Thu, 17 Oct 2019 02:28 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 17 Oct 2019 02:28 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
आरटीआई एक्ट के तहत एक महीने में सूचना देनी होती है, मगर एसडीएम कार्यालय बड़सर ने एक साल बाद सूचना दी। इस पर राज्य सूचना आयोग ने एसडीएम बड़सर कार्यालय के अधीक्षक पर एक हजार रुपये की पेनल्टी लगाई है। बतौर प्रथम अपीलीय अथॉरिटी एसडीएम की ओर से अपीलों को नहीं सुनने और आयोग के बुलाने पर व्यक्तिगत तौर पर नहीं पहुंचने के मामले को गंभीरता से लिया है। आयोग ने इस लापरवाही पर जांच बैठाने की भी सिफारिश की है। यह आदेश राज्य सूचना आयुक्त सुशील चंद्र श्रीवास्तव ने जारी किए हैं।
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आयोग के समक्ष आवेदक ने तीन अपीलें दायर कीं। आयोग ने सुनवाई के दौरान प्रथम अपीलीय अथॉरिटी एसडीएम बड़सर और जनसूचना अधिकारी को व्यक्तिगत तौर पर हाजिर होने के आदेश दिए। एसडीएम बड़सर न तो आयोग के समक्ष उपस्थित हुए और न ही उन्होंने इस बारे में कोई छूट मांगी। हालांकि, जनसूचना अधिकारी ने आयोग के समक्ष पेश होकर कहा कि सूचना देने में देरी होने के लिए पछतावा किया और कहा कि वांछित सूचना साधारण डाक से आवेदक को दे दी गई हैं।
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हालांकि, आयोग ने एक साल से अधिक अवधि होने के बाद आरटीआई के आवेदन पर जवाब देने को गंभीरता से लिया। आयोग ने पाया कि प्रथम अपीलीय अथॉरिटी यानी एसडीएम बड़सर ने अपीलों की सुनवाई नहीं की। इससे सूचना जारी करने में असाधारण देरी हुई। आयोग ने इसे गंभीरता से लिया। जब एसडीएम को आयोग से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें आयोग की ओर से रखी गई सुनवाई की जानकारी नहीं है। आयोग ने इसे भी गंभीरता से लेते हुए इस बारे में भी जांच की जरूरत जताई।
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