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नीलामी के तीन साल बाद भी खनन साइटों को नहीं मिली एफसीए मंजूरी
Sat, 05 Oct 2019 01:21 PM IST
अरविन्द ठाकुर
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 05 Oct 2019 01:21 PM IST
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वर्ष 2016 में खनन साइटों की नीलामी के बाद एफसीए मंजूरी नहीं मिली है। सिरमौर सहित कई अन्य जिलों में दर्जनों साइटों को मंजूरी न मिलने से हर साल करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। सरकार ने इन साइटों की नीलामी के बाद 50 फीसदी राशि की अग्रिम वसूली कर ली है, लेकिन इन साइटों में खनन मंजूरी नहीं मिल रही है। सरकार ने वर्ष 2018 में मंडी, कुल्लू, शिमला, सोलन और चंबा में साइटों को नीलाम किया है, लेकिन इनमें भी खनन गतिविधियां शुरू नहीं हो पा रही हैं।
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सूत्रों के अनुसार वर्ष 2016 में सिरमौर जिले में बीस साइटों की नीलमी की गई थी। इन्हें आज तक एफसीए की मंजूरी नहीं मिली है। लिहाजा, इन साइटों में खनन गतिविधियां शुरू नहीं हो पाई हैं। सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में खनन के लिए साइटों की नीलामी की है। अभी तक करीब तीन सौ साइटों को नीलाम किया जा चुका है। सौ और साइटों को खनन के लिए सरकार नवंबर में नीलाम करेगी।
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हैरानी की बात यह है कि सिरमौर में साल 2016 में जिन बीस साइटों की नीलामी की गई थी, उनसे सरकार ने पचास फीसदी राशि की अग्रिम वसूली की है। यह राशि करीब 12 करोड़ है। एफसीए मंजूरी मिलने के बाद खनन गतिविधियां शुरू होंगी। फिर शेष पचास फीसदी राशि सरकार को दी जाएगी। बताया जा रहा है कि अभी सिर्फ एक मामले को मंजूूरी मिली है। सिरमौर के अलावा मंडी, कुल्लू, शिमला, बिलासपुर, सोलन और चंबा में भी खनन के लिए साइटें नीलाम की गई हैं। यहां एफसीए मंजूरी नहीं मिलने से मामला लटका है।
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