हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट: नशा मुक्ति केंद्रों की दयनीय स्थिति पर दो बड़े अधिकारियों को नोटिस
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलीमठ और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने एक खबर पर स्वत: संज्ञान लेते हुए यह आदेश जारी किए। खबर के अनुसार हिमाचल को नशा मुक्त राज्य बनाने के राज्य सरकार के दावों के बावजूद एकीकृत व्यसन पुनर्वास केंद्र की स्थिति एक अलग कहानी कहती है।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने वित्तीय तंगी के कारण नशा मुक्ति केंद्रों की दयनीय स्थिति के मामले में अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने प्रतिवादियों को दो सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलीमठ और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने एक खबर पर स्वत: संज्ञान लेते हुए यह आदेश जारी किए। खबर के अनुसार हिमाचल को नशा मुक्त राज्य बनाने के राज्य सरकार के दावों के बावजूद एकीकृत व्यसन पुनर्वास केंद्र की स्थिति एक अलग कहानी कहती है।
जबकि कुल्लू (महिला), धर्मशाला, चंबा, मंडी, सिरमौर, बिलासपुर और सोलन में स्थापित केंद्र पहले अनुदान प्राप्त होने के बावजूद अभी तक चालू नहीं हुए हैं। 2019 में शिमला में शुरू किया गया 15 बेड का केंद्र बंद होने की कगार पर है। पिछले दो वर्षों के दौरान केंद्र से 54 लाख रुपये से अधिक की अनुदान राशि अभी तक प्राप्त नहीं हुई है।
केंद्र नए मरीजों को जोड़ने की स्थिति में नहीं है और इसमें केवल तीन पीड़ितों की ही ऑक्यूपेंसी है। एक साल से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों को भी छुट्टी पर जाना पड़ा है। मामले पर सुनवाई 2 सप्ताह बाद होगी।
The Court directed respondents to submit their reply within 2 weeks. Division Bench passed these orders on a petition taken up suo moto by the Court as PIL on a news item published in English Daily under title “ De-addiction centers battle fund crunch”: PRO, High Court of HP
— ANI (@ANI) September 15, 2021
The Court directed respondents to submit their reply within 2 weeks. Division Bench passed these orders on a petition taken up suo moto by the Court as PIL on a news item published in English Daily under title “ De-addiction centers battle fund crunch”: PRO, High Court of HP
— ANI (@ANI) September 15, 2021
न्यायालय के फैसले को लागू करने की मुख्य सचिव से मांग
प्रवासी और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए ई श्रम पोर्टल में राज्य स्तरीय मॉनीटरिंग, जिला स्तर पर कार्यान्वयन समिति गठित करने के न्यायालय के फैसले को लागू करने के लिए सीटू के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से मुलाकात की। प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव रामसुभग सिंह और श्रमायुक्त रोहित जम्वाल से मजदूरों के राशन कार्ड बनाने, मजदूरों का पंजीकरण करने औ डिपुओं में उनकी राशन व्यवस्था के मुद्दों को लेकर भी बातचीत की।
प्रतिनिधिमंडल में सीटू राज्य सचिव रमाकांत मिश्रा, बालक राम, दलीप सिंह, मदन लाल, रंजीव कुठियाला और रविंद्र शामिल रहे। विजेंद्र मेहरा और महासचिव प्रेम गौतम ने कहा है कि कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा आहत मजदूर वर्ग हुआ है। मजदूरों को सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं मिली है। ब्यूरो