मुख्यमंत्री की घोषणा पूरी करने को लेकर गंभीर नहीं अफसरशाही
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विधानसभा चुनाव की दहलीज पर खड़ी कांग्रेस सरकार की घोषणाओं को पूरा करने में अफसरशाही गंभीरता नहीं दिखा रही है। प्रदेश के 2700 सरकारी स्कूलों में अभी तक बायोमीट्रिक मशीनें लगाने का काम शुरू नहीं हुआ है। शिक्षकों की स्कूलों में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में मशीनें लगाने की घोषणा की थी।
स्कूलों में आधे से अधिक शैक्षणिक सत्र बीत गया है। प्रदेश में चुनाव आचार संहिता की घोषणा भी जल्द हो सकती है। ऐसे में मुख्यमंत्री की बायोमीट्रिक मशीनें लगाने की घोषणा पूरी होती नहीं दिख रही है। निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. बीएल विंटा ने बताया कि मशीनों की खरीद का जिम्मा स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को सौंपा गया है।
कॉरपोरेशन को जल्द मशीनें स्कूलों में लगाने के लिए कई पत्र लिखे गए हैं। बिना छुट्टी लिए स्कूलों से गैर हाजिर रहने वाले शिक्षकों पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने प्रदेश के 2700 सीनियर सेकेंडरी और हाई स्कूलों में आधार नंबर से जुड़ी बायोमीट्रिक मशीनें लगाने का फैसला लिया है।
शिक्षकों की स्कूलों में उपस्थिति सुनिश्चित करने को लगनी हैं मशीनें
1738 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों और 929 हाई स्कूलों में लर्गाई जाने वाली इन मशीनों की मॉनीटरिंग राज्य शिक्षा निदेशालय और जिला उपनिदेशक कार्यालयों से करने की योजना है। तीन हजार मशीनों की खरीद करने की प्रक्रिया शिक्षा विभाग ने करीब तीन माह पूर्व शुरू की थी।
स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को खरीद का जिम्मा सौंपा गया है, लेकिन कॉरपोरेशन अभी तक खरीद को सिरे नहीं चढ़ा सका है। कॉरपोरेशन ने टेंडर आमंत्रित करने की तारीख को कई बार आगे बढ़ाया है।
अब 25 अगस्त तक टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। उधर, कॉरपोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त टेंडर प्राप्त नहीं होने के चलते टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। इस कारण तारीखों को बढ़ाया गया है। उम्मीद है कि 25 अगस्त को टेंडर अवार्ड कर दिया जाएगा।