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समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर: चंबा में 1100 बीघा भूमि में बनेगा हिमाचल का पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट

Sat, 16 Apr 2022 10:38 AM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sat, 16 Apr 2022 10:38 AM IST
सार

प्लांट में उत्पादित हाइड्रोजन को 20 किलोग्राम क्षमता वाली बस/कार आदि के ईंधन टैंक में संग्रहीत किया जाएगा और यह हाइड्रोजन मुख्य इंजन में लगे हाइड्रोजन ईंधन सेल में जाएगा। इस ऊर्जा का उपयोग 20 किलोग्राम ईंधन टैंक के साथ लगातार 8 घंटे या 200 किलोमीटर तक बस चलाने के लिए किया जाएगा।

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Himachal pradesh First green hydrogen plant will be set up in chamba
जिला चंबा प्रशासन और एनएचपीसी के बीच समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित होने के बाद मौजूद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और अन्य अधिकारी। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के चंबा में प्रदेश का पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट स्थापित होगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की उपस्थिति में मोबिलिटी क्षेत्र के लिए 20 करोड़ की परियोजना के लिए एनएचपीसी के समूह महाप्रबंधक एके पाठक और चंबा के उपायुक्त डीसी राणा ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1100 बीघा (80 हेक्टेयर) क्षेत्र में 300 किलोवाट का ग्रिड कनेक्टेड ग्राउंड माउंटेड सोलर पीवी प्लांट स्थापित किया जाएगा।

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इससे उत्पन्न ऊर्जा का उपयोग इलेक्ट्रोलाइजर में हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए किया जाएगा। इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 20 किलोग्राम ग्रीन हाइड्रोजन उत्पन्न होगी और इसे अनुकूल प्रक्रिया के माध्यम से संग्रहीत किया जाएगा। एक किलोग्राम हाइड्रोजन ईंधन के उत्पादन के लिए 9 से 12 लीटर पानी का उपयोग होगा।
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एनएचपीसी के समूह महाप्रबंधक ने बताया कि यह परियोजना एनएचपीसी के अध्यक्ष एके सिंह की पहल है, जिसके तहत उत्पादित हाइड्रोजन को 20 किलोग्राम क्षमता वाली बस/कार आदि के ईंधन टैंक में संग्रहीत किया जाएगा और यह हाइड्रोजन मुख्य इंजन में लगे हाइड्रोजन ईंधन सेल में जाएगा।
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इस ऊर्जा का उपयोग 20 किलोग्राम ईंधन टैंक के साथ लगातार 8 घंटे या 200 किलोमीटर तक बस चलाने के लिए किया जाएगा। एनएचपीसी इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत एक 32+1 सीटर बस भी उपलब्ध करवाएगी, जो कार्बन का शून्य उत्सर्जन करेगी और क्षेत्र की परिवहन सुविधाओं में सुधार करेगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि भारत 2070 तक कार्बन न्यूट्रल हो जाएगा और 2030 तक भारत गैर जीवाश्म ईंधन स्रोतों से 500 गीगावाट उत्पन्न करेगा, जो कुल स्थापित क्षमता का 50 प्रतिशत होगा। एनएचपीसी के सहयोग से राज्य सरकार की यह पहल एक मील का पत्थर साबित होगी। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार, सांसद किशन कपूर, मुख्य सचेतक विक्रम जरयाल, विधायक जिया लाल कपूर और पवन नैयर, मुख्य सचिव राम सुभग सिंह उपस्थित रहे।

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